Jharkhand Panchayat Election : गिरिडीह के तिसरी प्रखंड के 16 वार्ड में नहीं बनेगी गांव की सरकार, 8000 लोग मताधिकार से वंचित, जानिए क्या है वजह
Jharkhand Panchayat Election : 9 अप्रैल को झारखंड में पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे राज्य के पंचायत क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है, राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायती व्यवस्था का कार्यकाल दिसंबर 2020 में ही खत्म हो गया था.....
Jharkhand Panchayat Election : गिरिडीह के तिसरी प्रखंड के 16 वार्ड में नहीं बनेगी गांव की सरकार, 8000 वोटर्स मताधिकार से वंचित, जानिए क्या है वजह
विशद कुमार की रिपोर्ट
Jharkhand Panchayat Election : 9 अप्रैल को झारखंड (Jharkhand) में पंचायत चुनाव (Panchayat Election) की घोषणा के साथ ही पूरे राज्य में जहां इस चुनाव को लेकर एक उत्साह, उल्लास और गहमा-गहमी है वहीं राज्य के गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड के कुल 16 वार्डों में लोग वोट नहीं डाल पाएंगे इसको लेकर क्षेत्र लोगों में काफी मलाल है।
बता दें कि गिरिडीह जिले (Giridih) के तिसरी प्रखंड में दो जिला परिषद सदस्य, 15 मुखिया, 15 पंचायत समिति सदस्य और 189 वार्ड सदस्य के पदों के लिए होने वाले चुनाव (Jharkhand Panchayat Election) में 16 वार्डों के लगभग 8,000 वोटर अपने मौलिक अधिकार का उपयोग इसलिए नहीं कर पाएंगे क्योंकि 2011 में हुए जनगणना (Census) के आधार पर प्रशासनिक हलकों द्वारा नई परिसीमन के बाद क्षेत्र में कई अनियमितताएं पैदा हो गई हैं।
इन अनियमितताओं की वजह से तिसरी प्रखंड के 16 वार्डों में जहां वार्ड सदस्य के लिए लोगों ने पर्चा नहीं भर पाया है, वहीं उन वार्डों के लोग अपना प्रतिनिधि को चुनने के लिए वोट के अधिकार से भी वंचित हो गए हैं।
जिन वार्डों में लोगों को वोट नहीं देने का मलाल है उनमें तिसरी : 16, थानसिंहडीह : 02, मनसाडीह : 12, लोकाई : 07 और 11, बेलवाना : 03, 05, 06 और 13, पलमरुआ : 02, 06 और 07, चंदौरी : 12, सिंघो : 04 और बरवाडीह का 05, 11 और 13 वार्ड शामिल हैं।
बताना लाज़मी होगा कि तिसरी के उप नगरी चंदौरी पंचायत के वार्ड संख्या- 12 जहां लगभग 500 की आबादी है और यहां सामान्य पढ़े-लिखे और जागरूक लोग हैं, जिन्हें इसका अफसोस है कि वे वार्ड सदस्य के लिए खड़ा नहीं हो पाए या इसके लिए वोट नहीं डाल पायेंगे। प्रशासनिक अनियमितता के कारण यहां की आरक्षित सीटों के लिए आरक्षण और जाति प्रमाण पत्र भी नहीं बन पाए हैं।
इस बाबत तिसरी से विधायक प्रतिनिधि राजेश कुमार ने कहते हैं - प्रखंड के 16 वार्ड में विभिन्न कारणों से वार्ड सदस्यों के पद पर नामांकन नहीं होना निश्चित रूप से प्रशासन की लापरवाही है। चंदौरी के वार्ड संख्या- 12 में भी वार्ड सदस्य के लिए इसलिए पर्चा नहीं भरा गया, क्योंकि यहां एक ही घर अनुसूचित जाति का है और उसका भी खतियान नहीं है, जिस कारण उनकी जाति प्रमाणपत्र नहीं बन पाया और यह पद खाली रह गया। इसके लिए जिसने यहां का परिसीमन कर यह तय किया कि इस सीट को आरक्षित रखना है, वे ही सबसे बड़े जिम्मेवार हैं। प्रखंड के कुल 6 वार्ड के लोग इन लापरवाह अधिकारियों के कारण अपने मौलिक अधिकार से वंचित रह जाएंगे।
वहीं वार्ड संख्या-12 की प्रीति देवी ने कहती हैं - इस बार यदि यह सीट आरक्षित नहीं होती, तो निश्चित तौर पर वार्ड सदस्य के मैदान में रहती, लेकिन यहां एक ही घर अनुसूचित जाति का है और प्रशासनिक अनियमितता की वजह से उनका जाति प्रमाण पत्र भी नहीं बना पाये और यह वार्ड सदस्य का सीट खाली रह गया। वे कहती हैं इसके लिए स्थानीय प्रशासन ही जिम्मेदार हैं। कोई भी पद खाली नहीं होना चाहिए था, लेकिन चंदौरी के वार्ड संख्या- 12 में वार्ड सदस्य नहीं होना अफसोस की बात है। ऐसे में कैसे गांवों की सरकार बनेगी।
वार्ड संख्या-12 के अजीत कुमार राम काफी दुखी शब्दों में कहते हैं - सरकार और प्रशासन की गलती का खामियाजा हम वार्ड के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। पिछली बार चंदौरी वार्ड संख्या- 12 में वार्ड सदस्य के लिए चुनाव हुआ और हमलोग वार्ड सदस्य को वोट देकर चुनने का काम किए। उस बार जब यह वार्ड सामान्य था, तो अब कैसे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया, जबकि यहां एक ही घर अनुसूचित जाति का है। प्रशासन की मनमानी और निश्चित रूप से स्थानीय राजनीति के कारण अब वार्ड संख्या 12 से कोई वार्ड सदस्य नहीं होगा।
बुजुर्ग चंद्रावती देवी कहती हैं कि इसके पूर्व हुए दो बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (Jharkhand Panchayat Election) में हम लोगों ने वार्ड सदस्यों के लिए वोट डाले थे, लेकिन इसबार यह सीट क्यों खाली रह गया, इसका जवाब तो प्रशासन को ही देना चाहिए और इसके लिए प्रशासन को ही दोषी ठहराया जाना चाहिए। चंदौरी के वार्ड संख्या- 12 में वार्ड सदस्य नहीं होगा, तो वार्ड को कौन देखेगा और हो सकता था कि इसी वार्ड का चुना हुआ सदस्य उप मुखिया भी बन सकता था, लेकिन यह सपना अब स्थानीय प्रशासन की लापरवाही की भेंट चढ़ गई।
इस संबंध में तिसरी बीडीओ सह निर्वाची पदाधिकारी संतोष कुमार प्रजापति ने कहते हैं कि त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव (Jharkhand Panchayat Election) में चक्रानुक्रम विधि (Rotation method) से विभिन्न पदों के लिए आरक्षित किया जाता है। इसमें परिसीमन की कोई बात नहीं है। हां, यह जरूर है कि कोई पद खाली नहीं होना चाहिए था, लेकिन यह सब पहले हो चुका था और नियमानुसार चुनाव कराया जा रहा है। इसमें कहीं कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। तिसरी प्रखंड में मुखिया पद के लिए कुल 87 और वार्ड सदस्य के लिए कुल 254 प्रत्याशी चुनाव में भाग लेंगे।
बताते चलें कि 9 अप्रैल को झारखंड में पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे राज्य के पंचायत क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायती व्यवस्था का कार्यकाल दिसंबर 2020 में ही खत्म हो गया था। उसके बाद कोरोना के कारण समय पर पंचायत चुनाव नहीं हो सका।
राज्य में पहली बार राज्य गठन के 10 वर्षों बाद वर्ष 2010 में पंचायत चुनाव हुआ था। उसके बाद वर्ष 2015 में पंचायत चुनाव (Jharkhand Panchayat Election) हुआ। बता दें कि राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 1,96,16,504 है, जिसमें पुरुष मतदाता 1,00,70,721, महिला 95,45,702 व अन्य 81 है। कुल मतदातन केंद्र 53,480, चलंत मतदान केंद्र 38, सामान्य मतदान केंद्र 12,821, संवेदनशील मतदान केंद्र 22,961 व अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र 16,698 है। मतदान भवनों की संख्या 33,627 है।
4,345 ग्राम पंचायतों में 53,479 प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (वार्ड सदस्य), 4,345 मुखिया, 5,341 पंचायत समिति सदस्य एवं 536 जिला परिषद के सदस्य चुने जाएंगे।
बताना जरूरी होगा कि प्रथम चरण में 21 जिलों के 72 प्रखंडाें में 1127 ग्राम पंचायतों, दूसरे चरण में 16 जिलों के 50 प्रखंडों में 872 ग्राम पंचायतों, तीसरे चरण में 19 जिलों के 70 प्रखंडों में 1047 ग्राम पंचायतों एवं चौथे चरण में 23 जिलों के लिए 72 प्रखंडों में 1,299 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान होगा।
पहले चरण में 14,079 ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य, 1,127 मुखिया, 1405 पंचायत समिति सदस्य तथा 146 जिला परिषद सदस्य के लिए मतदान होगा। दूसरे चरण में 10,614 ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य, 872 मुखिया, 1,059 पंचायत समिति सदस्य तथा 103 जिला परिषद सदस्य के लिए मतदान होगा। तीसरे चरण में 12,911 ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य, 1,047 मुखिया, 1,290 पंचायत समिति सदस्य तथा 128 जिला परिषद सदस्य के लिए मतदान होगा। चौथे चरण में 15,875 ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य, 1299 मुखिया, 1,587 पंचायत समिति सदस्य तथा 159 जिला परिषद सदस्य के लिए चुनाव होगा।
इसमें पहले चरण का मतदान 14 मई, दूसरे चरण का मतदान 19 मई, तीसरे चरण का मतदान 24 मई तथा चौथे व अंतिम चरण का मतदान 27 मई को होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने इसके लिए फोटोयुक्त मतदाता सूची तैयार की है। मतदान ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से होगा। पंचायत चुनाव (Jharkhand Panchayat Election) की विभिन्न प्रक्रियाओं में कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा।
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