Exclusive: जिस टोयोटा लैंड क्रूजर में बैठकर काशी घूमें PM मोदी उसका तो इंश्योरेंस ही एक्सपायर्ड था!

प्रधानमंत्री मोदी काशी के प्रमुख देवता हैं। वह वो सब कर सकते हैं जो आज तक दुनिया के भीतर कोई नहीं कर सका। मोदी कोई साधारण मानव नहीं बल्कि अवतार हैं जिनके लिए साक्षात इश्वर को फिर से जन्म लेना पड़ेगा...

Update: 2021-12-14 03:45 GMT

(प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काशी दौरा)

Exclusive : प्रधानमंत्री मोदी कल वाराणसी (Varanasi) पहुँचे थे। यहां पीएम काशी विश्वनाथ कॉरिडोर सहित मां गंगा की पूजा करने भी पहुँचे। इसके बाद उन्होने श्रमसाधकों के साथ खाना खाया। लेकिन इस सबके बीच एक बात जो गौर करने लायक है वह ये की पीएम मोदी एसपीजी-एआईजी की जिस टोयोटा लैंड क्रूजर में घूमें उसका तो इंश्योरेंस भी एक्सपायर हो चुका था। 

चलिए एकबारगी कहा जा सकता है की प्रधानमंत्री को इस बात की जानकारी न भी रही तो क्या उस अफसर को भी जानकारी नहीं थी जिसकी यह कार थी। यह बात गले से नीचे उतरने वाली बिल्कुल भी नहीं है। गाड़ी का नंबर दिल्ली का था तो जाहिर सी बात है गाड़ी भी वीआईपी ही होगी। तो क्या वीआईपी लोग नियम कानून से जुदा होते हैं। हो भी सकते हैं मंत्री का लड़का किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर वीआईपी ही तो था।

इस मसले को लेकर सपा नेता क्रांति कुमार जनज्वार से कहते हैं कि, मुझे तो हैरत होती है, यह सब देखकर। जरा जरा सी बातों को लेकर इवेंट सरीखा बना देने वाले पीएम मोदी उस वक्त कहां थे जब कोरोना त्रासदी के बीच जल रहे शवों को देखकर स्वयं काशी विश्वनाथ के भी आंसू नहीं रूक रहे थे। तब यह सभी नेता मंत्री छुपकर बैठे थे। इन लोगों ने श्मशान घाट तक छुपवा दिए थे की जलती हुई चिताएं न दिख सकें। लानत है ऐसी बेशर्मी पर। 

वरिष्ठ पत्रकार सुशील दुबे कहते हैं, प्रधानमंत्री मोदी काशी के प्रमुख देवता हैं। वह वो सब कर सकते हैं जो आज तक दुनिया के भीतर कोई नहीं कर सका। मोदी कोई साधारण मानव नहीं बल्कि अवतार हैं जिनके लिए साक्षात इश्वर को फिर से जन्म लेना पड़ेगा। ये इंश्योरेंस फिंश्योरेंस सब बेकार है उनके आगे। फिर घूमें तो घूमें कोई कुछ रोक बिगाड़कर दिखाये भला। ईडी-सीबीआई न पीछे लग जाए तो बताइयेगा। 

वहीं दूसरी तरफ पूर्व आईएएस सूर्यप्रताप सिंह ने प्रधानमंत्री द्वारा श्रमसाधकों पर पुष्प वर्षा करने को लेकर निशाना साधा है। उन्होने कहा है कि, 'पुष्पवर्षा से अच्छा था रोटी- रोजगार की व्यवस्था कर देते साहब...।' आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा चुनाव के समय जिन सफाईकर्मियों के पैर धोए थे उनकी तनख्वा का काफी समय तक संकट चला था।

सूर्य प्रताप के बाद वरिष्ठ पत्रकार व फिल्मकार विनोद कापड़ी ने लिखा है कि, 'बड़ी जिज्ञासा है ये जानने की कि EVENT / Drama के ये आइडिया खुद प्रधानमंत्री सोचते हैं या टीम में कोई बहुत ही प्रतिभाशाली व्यक्ति है??'

हर्ष देव लिखते हैं, 'एक ओर जहां तपस्वी जी बनारस में काशी विश्वनाथ से सत्ता का वरदान प्राप्त करने की साधना में व्यस्त हैं, वहीं चीन लद्दाख में बड़ी तेज़ी से सड़कों और हाइवे का जाल बिछाने में लगा हुआ है। दुख है कि चीन को किसी प्रतिरोध का सामना भी नहीं करना पड़ रहा है।'

वाराणसी पहुँचे पीएम ने औरंगजेब से लेकर शिवाजी तक बात की। उन्होने विश्वनाथ धाम के लिए कहा कि, 'विश्वनाथ धाम सिर्फ भव्य भवन नहीं है, यह भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक आत्मा, प्राचीनता, उर्जा व गतिशीलता का प्रतीक है। कई सल्तनतों का उदय और पतन हुआ, लेकिन वाराणसी की सभ्यता और विरासत बनी रही।

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