Kangana Ranaut को भीख में मिली आजादी' वाले बयान पर एक्टर विक्रम गोखले का मिला समर्थन, बोले - मैं सहमत हूं

Kangana Ranaut: कंगना रनौत के आजादी वाले बयान को लेकर एक ओर जहां कई राजनेताओं समेत अन्य लोग लानत-मलामत कर रहे हैं। वहीं मराठी अभिनेता विक्रम गोखले ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के आजादी वाले विवादास्पद बयान का समर्थन किया है।

Update: 2021-11-15 15:48 GMT

(ऐक्टर विक्रम गोखले ने कंगना के आजादी वाले बयान का समर्थन किया है)

Kangana Ranaut: कंगना रनौत के आजादी वाले बयान को लेकर एक ओर जहां कई राजनेताओं समेत अन्य लोग लानत-मलामत कर रहे हैं। वहीं मराठी अभिनेता विक्रम गोखले ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के आजादी वाले विवादास्पद बयान का समर्थन किया है।

विक्रम गोखले ने कहा, ''मैं रनौत के बयान से सहमत हूं। हमें आजादी दी गई थी। (ब्रिटिश राज में) जब स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को फांसी दी जा रही थी तब तब बहुत से लोग मूकदर्शक मात्र थे। इन मूकदर्शकों में बहुत से वरिष्ठ नेता थे। उन्होंने उन स्वतंत्रता सेनानियों को नहीं बचाया जो अंग्रेजों के खिलाफ लड़ रहे थे।''

गोखले को मराठी थिएटर, बॉलीवुड और टीवी पर अभिनय के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) समेत हर राजनीतिक दल विवाद में अपना फायदा देखता है। त्रिपुरा में कथित सांप्रदायिक हिंसा और उसके विरोध में अमरावती और अन्य शहरों में हुए बवाल पर पूछे गए सवाल के जवाब में गोखले ने कहा कि सांप्रदायिक दंगे वोट बैंक की राजनीति का नतीजा हैं। उन्होंने कहा, ''हर राजनीतिक दल वह (वोट बैंक की राजनीति) करता है।''

गोखले ने महाराष्ट्र में राजनीतिक परिदृश्य पर बोलते हुए कहा कि पूर्व सहयोगी शिवसेना और भाजपा को देश की बेहतरी के लिए फिर से एक साथ आना चाहिए। आगे यह भी कहा कि भाजपा समेत हर राजनीतिक दल विवादों से फायदा उठाने की कोशिश करता है।

बता दें कि रनौत ने कहा था कि 1947 में भारत को जो मिला था, वह ''भीख'' थी और देश को असली आजादी 2014 में मिली जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में गोखले ने कहा कि रनौत ने जो कहा था वह सच है।

अभिनेत्री के इस बयान की चारों तरफ आलोचना हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग कंगना को ट्रॉल कर रहें हैं। दरअसल, कगंना रनौत टाइम्स नाऊ के 2021 समिट में हिस्सा लेने पहुंची थी।

टाइम्स नाऊ की पत्रकार नविका कुमार से बातचीत के दौरान कंगना ने कहा कि, "आजादी अगर भीख में मिले, तो क्या वो आजादी हो सकती है?" कंगना ने कहा- "1947 में मिली आज़ादी भीख थी, असली आज़ादी 2014 में मिली।"

कंगना ने आगे कहा- "सावरकर, रानी लक्ष्मीबाई, नेता सुभाषचंद्र बोस इन लोगों की बात करूं तो ये लोग जानते थे कि खून बहेगा लेकिन ये भी याद रहे कि एक हिंदुस्तानी दूसरे हिंदुस्तानी का खून न बहाए। उन्होंने आजादी की कीमत चुकाई, यकीनन। पर वो आजादी नहीं वो भीख थी। जो आजादी मिली है वो 2014 में मिली है।"

अभिनेत्री के इस बयान पर वहां बैठे लोग तालियां बजाने लगे। जर्नलिस्ट नाविका कुमार ने कहा कि, "इसलिए सब आपको कहते हैं कि आप भगवा हैं।" जवाब में कंगना कहती हैं- "इसके बाद मुझपर 10 केस और होने वाले हैं।"

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