खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलेगी मोदी सरकार, राजीव गांधी की जगह मेजर ध्यानचंद के नाम पर होगा अवॉर्ड

खेल रत्न अवॉर्ड देश का सबसे बड़ा खेल सम्मान है। पहली बार यह पुरस्कार 1991-92 में दिया गया था। इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल क्षेत्र में शानदार और सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है....

Update: 2021-08-06 08:38 GMT

(प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेजर ध्यानचंद भारत के उन अग्रणी खिलाड़ियों में से थे जिन्होंने भारत को दुनियाभर में सम्मान और गौरव दिलाया।)

जनज्वार डेस्क। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम से दिए जाने वाले खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलने जा रहा है। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम के प्रदर्शन के बाद अब इसका नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार हो जाएगा। इसकी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट के जरिए दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे पूरे भारत के नागरिकों से खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखने के लिए कई अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं। उनकी भावना सम्मान करते हुए खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा।

खेल रत्न अवॉर्ड देश का सबसे बड़ा खेल सम्मान है। पहली बार यह पुरस्कार 1991-92 में दिया गया था। इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल क्षेत्र में शानदार और सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेजर ध्यानचंद भारत के उन अग्रणी खिलाड़ियों में से थे जिन्होंने भारत को दुनियाभर में सम्मान और गौरव दिलाया। यह बिल्कुल ठीक है कि हमारे देश के सर्वोच्च खेल सम्मान का नाम उन्हीं के नाम पर रखा जाए।

उन्होंने कहा कि ओलंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रयासों से हम सभी अभिभूत हैं। विशेषकर हॉकी में हमारे बेटे-बेटियों ने जो इच्छा शक्ति दिखाई है जीत के प्रति जो ललक दिखाई है, वो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के बहुत बड़ी प्रेरणा है।

मोदी ने कहा कि अनेक देशवासियों का ये आग्रह आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जीको समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है।

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