लालू के बेटे तेजस्वी ने द्रौपदी मुर्मू को बताया स्टेच्यू, शहजाद बोले - यह आदिवासी समुदाय का अपमान है

Presidential Election 2022 : आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू पर तंज कसते हुए कहा कि हमें मूर्ति नहीं चाहिए।

Update: 2022-07-17 07:57 GMT

लालू के बेटे तेजस्वी ने द्रोपदी मुर्मू को बताया स्टेच्यू, शहजाद बोले - यह आदिवासी समुदाय का अपमान है

President Election 2022 : एक दिन बाद यानि 18 जुलाई को नये राष्ट्रपति का चयन करने के लिए मतदान होगा। इस बीच लालू यादव ( Lalu Yadav ) के बेटे राष्ट्रीय जनता दल ( RJD ) के नेता तेजस्वी यादव ( Tejashwi Yadav ) ने शनिवार को राष्ट्रपति पद की NDA उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ( Draupdi Murmu ) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे राष्ट्रपति भवन में मूर्ति नहीं चाहते। उन्होंने तंजिया लहजे में कहा कि द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए उम्मीदवार के रूप में चुने जाने के बाद एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है।

यशवंत सिन्हा को समर्थन देने की घोषणा की

तेजस्वी यादव ( Tejashwi Yadav ) ने कहा कि हमें राष्ट्रपति भवन में कोई मूर्ति नहीं चाहिए, हम राष्ट्रपति चुन रहे हैं। आपने यशवंत सिन्हा ( Yashwant Sinha ) को हमेशा सुना होगा, लेकिन हमने कभी सत्ताधारी दल के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की आवाज नहीं सुनी। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव ( President Election 2022 ) के लिए संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को समर्थन देने की घोषणा की। बिहार में वाम दलों और कांग्रेस ने भी उन्हें अपना समर्थन दिया है। राजद के सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कहा कि वह मुर्मू का समर्थन करेगी।

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इससे पहले झारखंड के पूर्व कांग्रेस सांसद अजय कुमार ने उन मुर्मू पर निशाना साधा था। उन्होंने कथित रूप से कहा था कि द्रौपदी का व्यक्तित्व शानदार है, लेकिन वह 'बुराई की विचाराधारा' का प्रतिनिधित्व करती हैं और उन्हें आदिवासियों का प्रतीक नहीं मानना चाहिए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ही ले लीजिए हाथरस कांड हुआ। क्या उन्होंने एक शब्द भी कहा? अनुसूचित जातियों की स्थिति और खराब हो गई है। मुर्मू की तुलना में यशवंत सिन्हा बेहतर उम्मीदवार हैं।

आदिवासी समुदाय का अपमान

इसके जवाब में भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ( BJP spokesperson Shahzad Poonawalla ) ने मुर्मू के खिलाफ टिप्पणी के लिए दोनों नेताओं की आलोचना की और कहा कि उन्होंने पूरे आदिवासी समुदाय का अपमान किया है। बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए 18 जुलाई को मतदान होगा जबकि 21 जुलाई को वोटों की होगी।

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