Lata Mangeshakar Ka Nidhan: स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन, जानिए उनके जीवन से जुड़ी सभी बातें
Lata Mangeshakar Ka Nidhan: लता मंगेशकर को सर्वाधिक गीत रिकार्ड करने का भी गौरव प्राप्त है, फिल्मी गीतों के अतिरिक्त लता ने गैर फिल्मी गीत भी बहुत खूबी के साथ गाए हैं, सन 2001 में भारत सरकार ने स्वर कोकिला लता मंगेशकर की उपलब्धियों को सम्मान देते हुए देश के सर्वोच्च पुरस्कार 'भारत रत्न' से विभूषित किया गया था...
Lata Mangeshakar Ka Nidhan: स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन, जानिए उनके जीवन से जुड़ी सभी बातें
Lata Mangeshakar Ka Nidhan: हिंदी सिनेमा म्यूजिक जगत कोई स्तब्ध करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है, भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) आज रविवार 6 फरवरी को आखिरकार अपनी जिंदगी की जंग हार गईं। बता दें कि लता मंगेशकर ने 92 साल की उम्र में अंतिम सांस ली है। लता मंगेशकर के निधन की खबर से मनोरंजन जगत में सन्नाटा पसर गया है।
29 दिनों से अस्पताल में थीं भर्ती
बता दें कि भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर कोरोनावायरस और निमोनिया दोनों बीमारी से संक्रमित थीं। वह पिछले 29 दिनों से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आईसीयू में भर्ती थीं और आज उन्होंने अपने जीवन के अंतिम सांस ली। लता मंगेशकर की कोरोना रिपोर्ट 8 जनवरी को पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लता मंगेशकर के अस्पताल में भर्ती होने की खबर भी 2 दिन बाद 10 जनवरी को सामने आई थी।
लता मंगेशकर की जीवनी
लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को मध्यप्रदेश के इंदौर में हुआ। लता मंगेशकर का पहला नाम 'हेमा' था लेकिन जन्म के 5 साल बाद उनके माता-पिता ने इनका नाम लता रख दिया था। लता अपने सभी भाई बहनों में बड़ी हैं। मीना, आशा, उषा और हृदयनाथ लता मंगेशकर से छोटे हैं। इनके जन्म के कुछ दिनों बाद ही परिवार महाराष्ट्र चला गया था। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर एक कुशल रंगमंचीय गायक थे। दीनानाथ जी ने लता को तब से संगीत सिखाना शुरू किया, जब वे पांच साल की थी। उनके साथ उनकी बहनें आशा, ऊषा और मीना भी सीखा करतीं थीं।
लता मंगेशकर की शुरुआती पढाई
लता मंगेशकर अमान अली खान साहिब और बाद में अमानत खान के साथ भी पढ़ीं। लता मंगेशकर हमेशा से ही ईश्वर के द्वारा दी गई सुरीली आवाज, जानदार अभिव्यक्ति और बात को बहुत जल्द समझ लेने वाली अविश्वसनीय क्षमता का उदाहरण रहीं हैं। लता मंगेशकर के इन्हीं विशेषताओं के कारण उनकी इस प्रतिभा को बहुत जल्द ही पहचान मिल गई थी लेकिन पांच वर्ष की छोटी आयु में ही आपको पहली बार एक नाटक में अभिनय करने का अवसर मिला। शुरुआत अवश्य अभिनय से हुई किंतु आपकी दिलचस्पी तो संगीत में ही थी।
बता दें कि वर्ष 1942 में उनके पिता की मौत हो गई। तब लता केवल 13 वर्ष की थीं। नवयुग चित्रपट फिल्म कंपनी के मालिक और इनके पिता के दोस्त मास्टर विनायक (विनायक दामोदर कर्नाटकी) ने लता के परिवार को संभाला और लता मंगेशकर को एक सिंगर और अभिनेत्री बनाने में मदद की।
लता मंगेशकर का गायकी में करियर
कहते हैं, सफलता की राह कभी भी आसान नहीं होती है। लता मंगेशकर को भी अपना स्थान बनाने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था| बता दें कि कई संगीतकारों ने लता मंगेशकर को शुरू-शुरू में पतली आवाज़ के कारण काम देने से साफ मना कर दिया था। उस समय की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका नूरजहां के साथ लता मंगेशकर की तुलना की जाती थी लेकिन धीरे-धीरे अपनी लगन और प्रतिभा के बल पर आपको काम मिलने लगा। लता मंगेशकर की अद्भुत कामयाबी ने लता जी को फिल्मी जगत की सबसे मजबूत महिला बना दिया था।
सर्वाधिक गीत रिकॉर्ड
बता दें कि लता मंगेशकर को सर्वाधिक गीत रिकार्ड करने का भी गौरव प्राप्त है। फिल्मी गीतों के अतिरिक्त लता ने गैर फिल्मी गीत भी बहुत खूबी के साथ गाए हैं। लता मंगेशकर की प्रतिभा को साल 1947 में पहचान मिली थी, जब फिल्म 'आपकी सेवा में' उन्हें एक गीत गाने का मौका मिला था| इस गीत के बाद लता मंगेशकर को फिल्म जगत में एक पहचान मिल गयी और एक के बाद एक कई गीत गाने का मौका मिला।
लता मंगेशकर के लोकप्रिय गीत
बता दें कि लता मंगेशकर ने दो आंखें बारह हाथ, दो बीघा जमीं, मदर इंडिया, मुगल ए आजम आदि महान फिल्मों में गाने गाये हैं। 'महल','बरसात', 'एक थी लड़की', 'बडी़ बहन' आदि फिल्मों में अपनी आवाज के जादू से इन फिल्मों की लोकप्रियता में चार चांद लगाए। इस दौरान लता मंगेशकर के कुछ प्रसिद्ध गीत थे, 'ओ सजना बरखा बहार आई' (परख-1960), 'आजा रे परदेसी' (मधुमती-1958),'"इतना ना मुझसे तू प्यार बढ़ा' (छाया- 1961), 'अल्ला तेरो नाम', (हम दोनो-1961), 'एहसान तेरा होगा मुझ पर', (जंगली-1961), 'ये समां' (जब जब फूल खिले-1965) इत्यादि।
लता मंगेशकर को मिला भारत रत्न
बता दें कि लता मंगेशकर भारत रत्न से सम्मानित है| सन 2001 में भारत सरकार ने स्वर कोकिला लता मंगेशकर की उपलब्धियों को सम्मान देते हुए देश के सर्वोच्च पुरस्कार 'भारत रत्न' से विभूषित किया गया था।
लता मंगेशकर को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
बता दें कि साल 1958, 1962, 1965, 1969, 1993 और 1994 में सुर कोकिला लता मंगेशकर को फिल्म फेयर पुरस्कार मिला। इसके अलावा 1972, 1975 और 1990 में लता मंगेशकर को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया। वहीं 1966 और 1967 में महाराष्ट्र सरकार पुरस्कार से लता मंगेशकर को सम्मानित किया गया।
पद्म भूषण पुरुस्कार का सम्मान
लता मंगेशकर को पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया है| साल 1969 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। साल 1989 में उन्हें फिल्म जगत का सर्वोच्च सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिया गया। साल 1993 में फिल्म फेयर के 'लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। वर्ष 1996 में स्क्रीन के 'लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।