MP में कोरोना का इलाज भी UP की तरह रामभरोसे, संतरे के पेड़ों के नीचे जमीन में लिटाकर कर रहे इलाज

महज 10 सेकंड के वायरल हुए इस वीडियो में साफ देखा जा सकता हैं कि बगीचे में मरीजों को लाइन से लिटाकर इलाज दिया जा रहा है। चटख धूप में पेड़ से स्लाइन (ग्लूकोज) की बोतलें लटकी हैं। बताया जा रहा है कि सुसेनर के ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर जगहों पर ऐसे ही हालात हैं...

Update: 2021-05-06 03:24 GMT

जनज्वार ब्यूरो। मध्य प्रदेश में स्वास्थ सेवाओं का हाल भी यूपी के रामभरोसे ही चल रहा है। यहां के आगर मालवा जिले से सरकारी दावों को मटियामेट करने वाली तस्वीर सामने आई है। सुसनेर के ग्रामीण इलाकों में संतरे के बगीचे में पेड़ों के नीचे कोरोना मरीजों का इलाज चलाया जा रहा है। मरीजों को जमीन पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। तस्वीर में देखिये कैसे ग्लूकोज की बोतलें फल की तरह पेड़ों पर लटकी हैं। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जिले में हड़कंप मचा हुआ है।   

महज 10 सेकंड के वायरल हुए इस वीडियो में साफ देखा जा सकता हैं कि बगीचे में मरीजों को लाइन से लिटाकर इलाज दिया जा रहा है। चटख धूप में पेड़ से स्लाइन (ग्लूकोज) की बोतलें लटकी हैं। बताया जा रहा है कि सुसेनर के ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर जगहों पर ऐसे ही हालात हैं। और तो यहां इलाज करा रहे लोगों को डर है कि अस्पताल जाने पर हमें कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया जाएगा। इसलिए गांव के ही झोलाछाप डॉक्टरों से ये लोग इलाज करा रहे हैं।

 इलाज की यह पूरी तस्वीर सुसनेर के ग्राम धानियाखेड़ी से आधा किलोमीटर दूर की बताई जा रही है। सड़क से कुछ दूरी पर एक संतरे का बागीचा है। यह राजस्थान की ओर जाने वाली मुख्य सड़क से करीब 200 मीटर की दूरी पर है। यहां दरी और कार्टन के उपर ही मरीजों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है। आसपास के 10 गांवों के मरीज यहां बड़ी संख्या में इलाज करवाने पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में कोरोना का कोई खौफ नहीं है।

 ग्रामीण अस्पताल में इस डर से नहीं जा रहे हैं कि सर्दी बुखार वाले लोगों को वहां कोरोना वार्ड में भर्ती कर देंगे। यहां इलाज ले रहे मरीजों के चेहरे पर कोई मास्क भी नहीं है। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं किया जा रहा है। इन मरीजों को सर्दी बुखार है। ऐसे में इनकी कोई जांच भी नहीं हुई है कि इन्हें कोरोना है या नहीं। मगर झोलाछाप डॉक्टर इनका इलाज कर रहे हैं। बीएमओ सुसनेर का कहना है कि इन झोलाछाप डॉक्टरों को पहले भी चेतावनी दी है, लेकिन वह नहीं माने। अब इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  

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