Maharashtra Politics Updates : एकनाथ शिंदे तीर से हुए तीन शिकार, अहम सवाल मोदी-शाह के इस फैसले से BJP को क्या मिला?

Maharashtra Politics Update: भाजपा ने यह सोचकर एकनाथ शिंदे को सीएम बनाया है कि वो अभी इतना मजबूत नहीं है कि भाजपा को सियासी पटखनी दे सकें, पर ऐसा सोचना भविष्य के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है।

Update: 2022-07-01 03:14 GMT

Maharashtra Politics Updates : राजनीति में हर सियासी दांव दोधारी तलवार होता है। इस हथियार का प्रयोग करने वाले को पग-पग पर संभलकर चलना होता है। इसमें चूक होने पर इससे होने वाला नुकसान और भी ज्यादा खतरनाक होता है। खासकर सियासी दांव चलने वाले लिए। भाजपा ( BJP ) के लिए सहयोगी और छोटे दलों को तवज्जा देना अभी तक लाभकारी साबित नहीं हुआ। इसका सबसे बड़ा उदाहरण बिहार है। सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद भाजपा ने नीतीश कुमार को सीएम बनाया, केवल इसलिए कि पार्टी सत्ता से दूर न रहे। पंजाब में भी शिरोमणि अकाली दल से लंबे समय तक गठबंधन की वजह से भाजपा अभी तक उभर नहीं पाई है।

अब महाराष्ट्र ( Maharashtra News ) में पीएम मोदी ( Narendra Modi ) और गृह मंत्री अमित शाह ( Amit shah ) ने एकनाथ शिंदे ( Eknath shinde ) का दांव खेलकर एक बार फिर उसी सियासी हथियार का प्रयोग किया है जो भाजपा ( BJP ) के लिए अहितकर माना जाता रहा है। फिलहाल, भाजपा ने यह सोचकर एकनाथ शिंदे को सीएम बनाया है कि वो अभी इतना मजबूत नहीं है कि भाजपा को सियासी पटखनी दे सकें, पर ऐसा सोचना भविष्य के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है। ऐसा इसलिए कि राजनीति में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता। राजनीति में समीकरण ही सबसे ज्यादा बलवान होता है। फिलहाल, हम इस बात गहन चर्चा करने के बदले इस पर केंद्रित करते हैं कि इससे भाजपा ने किसका शिकार किया और उसे खुद क्या मिला।

महाराष्ट्र में करीब 10 दिनों तक चला सियासी ड्रामा लगभग समाप्त हो गया है। इस ड्रामे में सबसे जयादा लाभ MVA सरकार से बगावत करने वाले एकनाथ शिंदे ( Eknath shinde ) को मिला है। भाजपा ने उन्हें महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री बनाया है। देवेंद्र फडणवीस ( Devendra Fadanvis ) के नाम की चर्चा के बीच शिंदे के नाम के ऐलान ने सभी को हैरान किया। खुद शिंदे भी नाराज हुए। इसके बावजदू पार्टी नेतृत्व ने उन्हें मनाकर एक तीर से दो नहीं बल्कि तीन शिकार किए हैं।

शिवसेना का सीएम हटाने का उद्धव को दिया जवाब

सबसे पहला शिकार तो उद्धव ठाकरे ( Uddhav Thackeray ) के खेमे के इस तर्क का किया है कि भाजपा ने एक शिवसैनिक ( ShivSainik ) को हटाकर महाराष्ट्र का नुकसान किया। इसके जवाब में भाजपा ने 'सेना के एक मुख्यमंत्री' को हटाकर एक शिवसैनिक को ही सीएम बना दिया। ऐसा कर भाजपा ने ये संदेश दिया कि भाजपा अपने सहयोगी दलों का ख्याल रखती है। अब पार्टी इसकी मदद से आगामी बीएमसी चुनाव में बड़ा सियासी खेल कर सकती है। वर्तमान में सभी की नजरें बीएमसी चुनाव पर है। बीएमसी पर शिवसेना का 25 सालों से कब्जा है।

उद्धव बालासाहब के नाम पर नहीं कर पाएंगे राजनीति

एक शिवसैनिक को सीएम बना भाजपा ने उद्धव के सामने अब एक और परेशानी खड़ी कर दी है। अब उद्धव ठाकरे अपने पिता बालासाहब ठाकरे के नाम पर हमदर्दी या सियासी फायदा नहीं ले सकेंगे। भाजपा के एक नेता ने कहा कि यह उद्धव को हटाने का एकमात्र तरीका था। इसमें भाजपा की सुरक्षा और सियासी हित शामिल है। अब शिंदे शिवसेना में बाल ठाकरे की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। साथ ही वह भाजपा के लिए भी वफादार बने रहेंगे। भाजपा यह मानकर चल रही है कि ऐसा करना उनकी मजबूरी होगी। ऐसा इसलिए कि शिंदे को राजनीतिक और कानूनी जंग में भाजपा का साथ चाहिए होगा।

शिव सैनिकों को अपने पक्ष में करने का प्रयास

भाजपा ( BJP ) को उम्मीद है कि शिंदे को सीएम बनाने से बड़ी संख्या में शिव सैनिक पार्टी से जुड़ेंगे। उद्धव की तुलना में शिंदे सेना और भी ताकतवर बनकर सामने आएगी। साथ ही 2024 लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में भी ज्यादा वक्त बाकी नहीं रह गया है। तब तक शिवसेना अपनी कठिनाईयों से उबर नहीं पायेगी।

30% मराठाओं के बीच BJP  को मिलेगी मजबूती

एकनाथ शिंदे ( Eknath shinde ) मराठा नेता हैं। ऐसे में भाजपा को 30 प्रतिशत मराठा आबादी तक पहुंच बनाने में भी आसानी होगी। भाजपा को बीती सरकार में मराठा कोटा आंदोलन का सामना करना पड़ा था। पार्टी ने ब्राह्मण चेहरे को सीएम चुना था, जिसके चलते समुदाय नाराज हो गया था। भाजपा का यह भी मानना है कि वह शिंदे को दिए अपने समर्थन के साथ गरीब मराठा और ओबीसी को भी लुभा सकती है, जिन्हें सेना का मजबूत समर्थन हासिल था।

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