Mangaluru Masjid Controversy : अब कर्नाटक में शुरू हुआ मंदिर-मस्जिद विवाद, इस मस्जिद के नीचे मंदिर होने का किया जा रहा दावा
Mangaluru Masjid Controversy : अब कर्नाटक में शुरू हुआ मंदिर-मस्जिद विवाद, इस मस्जिद के नीचे मंदिर होने का किया जा रहा दावा
Mangaluru Masjid Controversy : अब कर्नाटक में शुरू हुआ मंदिर-मस्जिद विवाद, इस मस्जिद के नीचे मंदिर होने का किया जा रहा दावा
Mangaluru Masjid Controversy : देश में मंदिर और मस्जिद को लेकर चल रहे चल रही बहस के बीच अब कर्नाटक (Mangaluru Masjid Controversy) में भी एक मस्जिद के भीतर मंदिर छिपा होने का दावा किया जाने लगा है। डीडब्ल्यू की एक रिपोर्ट के मुताबिक मेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित मलाली जुमा मस्जिद में मरम्मत का काम बीते दिनों हो रहा था और दावा किया गया कि मलबा हटाने के दौरान मंदिर जैसी संरचना मिली है। इसके बाद हिंदू संगठनों ने मस्जिद के नीचे मंदिर होने का दावा कर दिया है। विश्व हिंदू परिषद ने मांग की है कि मंदिर वाला हिस्सा हिंदू समुदाय को वापस कर दिया जाए।
इस बीच दोनों समुदायों के बीच विवाद (Mangaluru Masjid Controversy) बढ़ता देख प्रशासन ने गुरुवार तक के लिए क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है। मस्जिद के 500 मीटर के क्षेत्र में 24 मई से लेकर 26 मई की सुबह तक प्रतिबंधात्मक आदेश लागू रहेगा। मस्जिद के बाहर प्रशासन की ओर से सुरक्षा सख्त कर दी गई है।
मस्जिद की मरम्मत का काम मस्जिद की कमेटी द्वारा कराया जा रहा था। 21 मई को जब मस्जिद में काम चल रहा था तब यह दावा किया गया कि मस्जिद के अंदर मंदिर जैसी संरचना है। जिसके बाद विश्व हिंदू परिषद ने मामले को जोर-शोर से उठाया। विश्व हिंदू परिषद का दावा है कि मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी।
इस मामले में मेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर एनएस कुमार ने मीडिया को बताया, "स्थिति शांतिपूर्ण है। हिंदू संगठन ने आज एक अनुष्ठान किया जो सुबह 8.30 बजे शुरू हुआ और 11 बजे तक चल। जहां जरूरी है वहां पुलिसबल तैनात किया गया है। ग्रामीणों ने सुनिश्चित किया है कि कोई अप्रिय घटना नहीं होगी। दोनों पक्ष इस मामले (Mangaluru Masjid Controversy) को अदालत में ले जाने को तैयार हो गए हैं।
वहीं स्थानीय विधायक भरत शेट्टी ने मामले में पुरातत्व सर्वेक्षण कराने की मांग की है। शेट्टी ने पत्रकारों से कहा कि वीएचपी और बजरंग दल के नेताओं के साथ-साथ अन्य हिंदू संगठनों ने अदालत में जाकर मस्जिद में मरम्मत के काम पर रोक लगवा दी है ताकि जांच के बिना मंदिर जैसी संरचनाओं को नष्ट न किया जाए। उन्होंने कहा, "पुरातत्व विभाग को सच्चाई का पता लगाने के लिए पूरा सर्वेक्षण करना चाहिए।
वहीं राज्य के गृहमंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कहा है कि स्थानीय प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए है और मस्जिद के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई है। कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार ने कहा है कि बीजेपी कर्नाटक का नाम खराब कर रही है और इससे मेंगलुरु में होने वाले निवेश पर असर पड़ेगा।
इस बीच प्रशासन मस्जिद से जुड़े जमीन रिकॉर्ड की पड़ताल (Mangaluru Masjid Controversy) कर रहा है और उसने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा की ईदगाह मस्जिद के मामले पहले से ही कोर्ट में चल रहे हैं और अब मेंगलुरु की इस मस्जिद को लेकर एक नया विवाद खड़ा होता दिख रहा है। अब देखना होगा कि जुमा मस्जिद को लेकर कोर्ट क्या फैसला सुनाता है।