उत्तराखंड में हिंसक जानवरों की संख्या बढ़ रही लगातार और सरकार जनता को सुरक्षा देने की जगह बैठ गयी है कानों में रुई डालकर

कॉर्बेट प्रशासन पारदर्शिता से काम करने की जगह मनमानी कर रहा है। उन्हें टाइगर के पकड़े जाने की सूचना समाचार पत्रों द्वारा प्राप्त हुई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उसे क्षेत्र में तीन टाइगर है और सुखिया को मारने वाला टाइगर इनमें कौन सा है इसकी जानकारी अभी तक स्पष्ट नहीं है....

Update: 2026-01-09 10:45 GMT

रामनगर। संयुक्त संघर्ष समिति ने ग्राम सांवल्देव में आदमखोर टाइगर को पकड़े मारे जाने की मांग को लेकर बन चौकी में प्रस्तावित धरना टाइगर के पकड़े जाने पर स्थगित कर सांवल्दे बबलिया में बैठक आयोजित की।

बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि कॉर्बेट प्रशासन पारदर्शिता से काम करने की जगह मनमानी कर रहा है। उन्हें टाइगर के पकड़े जाने की सूचना समाचार पत्रों द्वारा प्राप्त हुई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उसे क्षेत्र में तीन टाइगर है और सुखिया को मारने वाला टाइगर इनमें कौन सा है इसकी जानकारी अभी तक स्पष्ट नहीं है, जिस कारण गांव वाले बेहद भयभीत है।

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बैठक में महेश जोशी ने कहा कि कॉर्बेट पार्क में 260 से अधिक टाइगर हैं जबकि इसकी धारण क्षमता 60-70 टाइगर से ज्यादा नहीं है। अतः कार्बेट पार्क की धारण क्षमता से अधिक टाइगरों को तत्काल हटाया जाए।

संजय मेहता ने कहा कि पिछले 3 वर्षों में उत्तराखंड में जंगली जानवरों के हमले में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं तथा सैकड़ों लोग घायल हो चुके हैं। तेंदुआ,हाथी, टाइगर, भालू, सूअर आदि हिंसक जानवरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और सरकार जनता को सुरक्षा देने की जगह कानों में रुई डालकर बैठी है।

महिला एकता मंच की कौशल्या ने उत्तराखंड को जंगली जानवरों से बचाने के लिए प्रदेश की जनता से एक मंच पर आने का आह्वान किया।

बैठक को समाजवादी लोकमंच के संयोजक मुनीष कुमार, ग्राम प्रधान धर्म‌‌सिंह, तुलसी बेलवाल ने संबोधित किया। बैठक में नीरज सती, सुनीता, गीता, अनीता, विमला देवी, गंगा देवी, राशिद हुसैन, वीना, राजेश समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।

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