Manusmriti course me shamil: कर्नाटक से शुरू होगी शिक्षा में मनु स्मृति की घुसपैठ, टास्क फोर्स की अनुशंसा के बाद मनु स्मृति को पाठयक्रम में शामिल करने का रास्ता साफ
Manusmriti course me shamil: आगामी साल में होने वाले कर्नाटक राज्य के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के शैक्षिक ढांचे में मनु स्मृति की घुसपैठ का रास्ता साफ हो गया है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम तय करने के लिए कर्नाटक में बनी इस टास्क फोर्स ने उम्मीदों के मुताबिक मनुस्मृति को पाठ्यक्रम में शामिल करने की अनुशंसा कर दी है।
Manusmriti course me shamil: आगामी साल में होने वाले कर्नाटक राज्य के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के शैक्षिक ढांचे में मनु स्मृति की घुसपैठ का रास्ता साफ हो गया है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम तय करने के लिए कर्नाटक में बनी इस टास्क फोर्स ने उम्मीदों के मुताबिक मनुस्मृति को पाठ्यक्रम में शामिल करने की अनुशंसा कर दी है। टास्क फोर्स ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए गणित से जुड़ी देशी पद्धति को बढ़ावा देने की वकालत करते हुए गुरुत्वाकर्षण और पाइथागोरस के नियमों की जड़ें वैदिक गणित में बताई हैं। हालांकि कांग्रेस ने इस पर अपना वही पुराना स्टेंड लिया है जिसके तहत वह भारतीय जनता पार्टी की इन कोशिशों को शिक्षा के भगवाकरण की संज्ञा देती है। टास्क फोर्स की इस अनुशंसा से कर्नाटक में शिक्षा के भगवाकरण का मामला एक बार फिर चर्चाओं में आ गया है।
बताते चले कि देश के वर्तमान शैक्षिक ढांचे व पाठ्यक्रम की आलोचना करते हुए भारतीय जनता पार्टी इसे मैकाले की विदेशी जड़ों से जुड़ी शिक्षा बताती चली आई है। विकल्प के रूप में भारतीय जनता पार्टी भारत की मातृ संस्था राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पुरानी गुरुकुल परम्परा को स्थापित करने की पैरवी करता रहा है। वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार द्वारा लाई गई नई शिक्षा नीति के मसौदे को भी इसी कारण से शिक्षा के भगवाकरण की कोशिशों के तौर पर देखा जा रहा था। कर्नाटक राज्य में भी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मुताबिक पाठ्यक्रम तय करने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया था। अब इसी टास्क फोर्स ने मनुस्मृति को सिलेबस में शामिल करने की अनुशंसा की है।
मनु स्मृति की पैरवी करते हुए टास्क फोर्स का कहना है कि आमतौर पर लोग मनुस्मृति का एक श्लोक किसी एक चैप्टर से पढ़ते हैं, दूसरा किसी और चैप्टर से। इसलिए कई जगह अर्थ का अनर्थ हो जाता है। इसी कारण से लोग मनु स्मृति पर सवाल उठाते हैं। टास्क फोर्स का कहना है कि मनुस्मृति पर लोग सवाल उठा सकते हैं। लेकिन इसके लिए ऐसे लोगों को मनु स्मृति को पढ़ना चाहिए। बिना मनु स्मृति का अध्ययन किए इस पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। हालांकि टास्क फोर्स ने मनु स्मृति को भी पूरी तरह क्लीन चिट देने से परहेज किया है। इसमें जो ठीक है उसे ग्रहण और जो ठीक नहीं है उसको छोड़ देना चाहिए वेवजह विवाद खड़ा करने से कोई फायदा नहीं है, कहते हुए मनु स्मृति के आलोचकों को जवाब देने का प्रयास किया है। टास्क फोर्स ने मनुस्मृति की वकालत करने के साथ ही न्यूटन और पाइथागोरस के सिद्धांतों पर भी सवाल उठाए हैं। टास्क फोर्स ने देश की प्राचीन अंक प्रणाली, जैसे कि भूतसांख्य और कटापयदि-सांख्य पद्धति को भी पाठ्यक्रम में शामिल करने पर जोर दिया है।
यहां बता दे कि इससे पहले ज्योतिष जैसे विषय को भी विज्ञान से जोड़कर "ज्योतिष विज्ञान" कहा जाने लगा है। जिससे ज्योतिष विद्या विज्ञान के चोले में लिपटकर विश्व स्तर पर अपनी स्वीकार्यता बना सके।