Nainital News : उत्तराखण्ड पुलिस देगी इस समलैंगिक जोड़े को सुरक्षा, हाईकोर्ट की है हिदायत

Nainital News : नैनीताल हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद एसएसपी उधमसिंहनगर व रुद्रपुर एसएचओ को इस समलैंगिग जोड़े को मुकम्मल सुरक्षा उपलब्ध करवाते हुए इस मामले में विपक्षियों को भी अपना जवाब कोर्ट में पेश करने की हिदायत दी है.....

Update: 2021-12-17 11:07 GMT

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सलीम मलिक की रिपोर्ट

Nainital News : उत्तराखण्ड के दो युवकों के आपसी प्रेम-मुहब्बत का मामला सामाजिक वर्जनाओं से बगावत कर विवाह की चौखट तक जा पहुंचा लेकिन विवाह (Homosexual Marriage) की चौखट पार करने से पहले ही इन युवकों के परिवारवालों ने इनकी राह जबरन रोक दी। अपनी जिंदगी के सतरंगी खुशगवार सपनों को अपनी कल्पनाओं में आकार दे चुके इस युवा जोड़े को परिजनों का अपनी निजी जिंदगी में हस्तक्षेप इतना नागवार गुजरा कि अपने परिजनों की मर्जी के खिलाफ उन्होंने अपने फैसले पर अमल करने की ठान ली। परिजनों की तरफ से जब जान का खतरा महसूस हुआ तो दोनों युवक हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) की शरण में पहुंच गए।

हॉलीवुड फिल्म सरीखा यह किस्सा उधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर नगर का है, जहां रवि-राहुल (परिवर्तित नाम) नाम के दो युवाओं के बीच की दोस्ती इस हद तक जा पहुंची कि वह एक-दूसरे से घड़ी भर की जुदाई तक बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। दोनों युवकों के इस प्रेम के किस्से धीरे-धीरे गली-मुहल्ले के दायरा पार करते हुए शहर भर में पहुंचने लगे तो दोनों युवकों के परिजनों तक भी यह चर्चा पहुंची। परिजनों के कान खड़े हुए तो उन्होंने दोनों युवकों को सामाजिक ऊंच-नीच, मान-मर्यादा जैसी तमाम बातें समझाते हुए इन युवकों की राह अलग-अलग करने का प्रयास किया। लेकिन जैसे-जैसे इनके परिजन इन युवकों को समझाते गए, वैसे-वैसे इन युवकों का आपसी प्रेम और कहीं ज्यादा चटख रंग लेने लगा।

तमाम मान-मनौव्वल और मनुहार का भी जब इन युवकों पर कोई असर नहीं पड़ा तो परिजनों ने अपने आखिरी पैंतरे जान से मारने की धमकी का सहारा लेना शुरू कर दिया। लेकिन अपने फैसले पर जुनून की हद तक अड़िग इस जोड़े ने परिजनों की धमकियों की कोई परवाह नहीं की। बल्कि उल्टे यह जोड़ा अपनी सुरक्षा की गुहार लगाने के लिए सीधे हाईकोर्ट नैनीताल पहुंच गया।

उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने उधमसिंहनगर के इन दोनों समलैंगिक युवकों को विवाह करने से रोक रहे परिजनों से सुरक्षा को लेकर दायर याचिका की सुनवाई के बाद एसएसपी उधमसिंह नगर व एसएचओ रुद्रपुर को युवकों को पुलिस सुरक्षा देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही विपक्षियों को नोटिस जारी कर उन्हें भी जवाब पेश करने को कहा है। उत्तराखण्ड की हाईकोर्ट में पहली बार सुनवाई के लिए पहुंचे अपने आप में इस अनोखे मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश आरएस चौहान व न्यायमूर्ति एनएस धनिक की खण्डपीठ में हुई।

उत्तराखंड में दो समलैंगिक युवकों द्वारा शादी करने के लिए उच्च न्यायालय की शरण में आने के इस पहले मामले की याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को मान्यता दी गयी है। यह अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। उनकी भी उतनी ही भावनाएं और इच्छाएं है, जितनी की सामान्य नागरिकों की।

न्यायालय में मामले की सुनवाई के बाद एसएसपी उधमसिंहनगर व रुद्रपुर एसएचओ को इस समलैंगिग जोड़े को मुकम्मल सुरक्षा उपलब्ध करवाते हुए इस मामले में विपक्षियों को भी अपना जवाब कोर्ट में पेश करने की हिदायत दी है।

उधमसिंहनगर के इस जोड़े को जो समलैंगिग विवाह करने से रोका जा रहा है, 2017 की रिपोर्ट के आधार पर 25 देशों में समलैंगिक विवाह मान्यता प्राप्त सम्बन्ध है। हालांकि 2013 में दिल्ली हाईकोर्ट ने इसे अपराध माना था। परन्तु सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को पलट दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में परिवर्तन जरूरी है। जीवन का अधिकार मानवीय अधिकार है। इस अधिकार के बिना बाकी अधिकार औचित्यहीन हैं।

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