Patna SSP MS Dhillon: क्या है पटना में दो संदिग्धों की गिरफ्तारी के तथ्य, एसएसपी के बयान के क्या हैं निहितार्थ?

Patna SSP MS Dhillon: सोमवार की रात पटना के फुलवारीशरीफ़ इलाक़े से दो संदिग्ध चरमपंथियों की गिरफ्तारी के मामले में पुलिस की ब्रीफिंग से मामले में रोचक मोड़ आ गया है। जबकि भाजपा ने पुलिस अधिकारी के बयान का विरोध करना शुरू कर दिया है।

Update: 2022-07-14 16:39 GMT

Patna SSP MS Dhillon: क्या है पटना में दो संदिग्धों की गिरफ्तारी के तथ्य, एसएसपी के बयान के क्या हैं निहितार्थ?

Patna SSP MS Dhillon: सोमवार की रात पटना के फुलवारीशरीफ़ इलाक़े से दो संदिग्ध चरमपंथियों की गिरफ्तारी के मामले में पुलिस की ब्रीफिंग से मामले में रोचक मोड़ आ गया है। जबकि भाजपा ने पुलिस अधिकारी के बयान का विरोध करना शुरू कर दिया है।

मालूम हो कि इंटेलिजेंस ब्यूरो से मिले इनपुट के आधार पर पटना पुलिस ने दो संदिग्ध लोगों मोहम्मद जलालुद्दीन और अतहर परवेज को गिरफ़्तार कर इनके ऊपर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया था। यह लोग इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (पीएफ़आई) और राजनीतिक पार्टी एसडीपीआई (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया) से जुड़े बताए गए थे। यह बात अलग है कि पीएफ़आई ने पुलिस की इस थ्योरी को खारिज करते हुए इसे पीएफ़आई को बदनाम करने की कोशिश बताया था। इसी मामले में पुलिस की ओर से एक प्रेस वार्ता करके इस गिरफ़्तारी के बारे में जानकारी दी गई थी जिसको लेकर अब खासा विवाद होने लगा है।

दरअसल पटना के एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने प्रेसवार्ता के दौरान पकड़े गए आरोपियों के काम करने के तरीक़े को आरएसएस के काम करने सरीखा बताया था। पटना के एसएसपी ने पत्रकारों को इन आरोपियों की कार्यप्रणाली के बारे में बताते हुए कहा था कि कटुता की तरफ़ जिसे हम अंग्रेज़ी में रेडिक्लाइजेशन बोलते हैं, उसके लिए यह लोग लगातार कार्यशील थे। इनकी मॉडस ऑफ़ ऑपरेंडी वैसी ही थी जैसे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा संचालित शाखा की होती है।

जैसे आरएसएस अपनी शाखाओं के माध्यम से स्वयं सेवकों को लाठी चलाने की ट्रेनिंग देती है, उसी तरह यह लोग शारीरिक प्रशिक्षण (फिज़िकल एजुकेशन) के नाम पर अपने युवाओं को यूथ को दे रहे थे। इसी प्रशिक्षण के दौरान यह लोग अपनी विचारधारा से भी इन युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। पटना के एसएसपी का यह बयान वायरल होने के बाद इस पर विवाद हो गया है।

बिहार में बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने अपने ट्विटर हैंडल पर पटना एसएसपी के बयान की निंदा करते हुए कहा आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को राजनीति और वैचारिक प्रभाव से ऊपर समझा जाता है। पटना एसएसपी का पीएफ़आई की आरएसएस से तुलना करना निंदनीय हैं। इन अधिकारियों के पास कार्रवाई में कोई पूर्वाग्रह और पूर्वकल्पित धारणा नहीं होनी चाहिए। उन्हें राजनीति करने से पहले माफ़ी मांगनी चाहिए और इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।

पटना के एसएसपी के बयान पर जहां भाजपा प्रवक्ता विरोध जता रहे हैं तो वहीं सोशल मीडिया पर लोग राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अतीत की ओर उंगलियां उठा रहे हैं। यूजर्स देश के पहले गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल द्वारा संघ पर लगाए गए प्रतिबंध का उदाहरण देते हुए संघ के अतीत पर विभिन्न टिप्पणियां कर रहे हैं।

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