ड्रीम प्रोजेक्ट सेंट्रल विस्टा की वीडियो-फोटोग्राफी पर लगी रोक, विपक्ष की याचिका पर आज कोर्ट में सुनवाई

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने यहां एक साइन बोर्ड लगा दिया है, जिसमें लिखा है, 'फोटोग्राफी निषेध', 'वीडियो रिकॉर्डिंग निषेध।' सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है और इस पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका भी लगाई गई है...

Update: 2021-05-13 08:26 GMT

जनज्वार ब्यूरो। प्रधानमंत्री मोदी के स्वप्न महल सेंट्रल विस्टा को किसी की नजर ना लगे जिसके चलते प्रोजेक्ट की फोटो-वीडियोग्राफी पर रोेक लगा दी गई है। सेंट्रल विस्‍टा पुनर्निर्माण परियोजना को लेकर विपक्ष के हंगामे की बीच केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने इंडिया गेट के पास निर्माण स्थल पर फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर रोक लगा दी है। 

बता दें कि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने यहां एक साइन बोर्ड लगा दिया है, जिसमें लिखा है, 'फोटोग्राफी निषेध', 'वीडियो रिकॉर्डिंग निषेध।' सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है और इस पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका भी लगाई गई है। वहीं केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट से सेंट्रल विस्टा के निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका को खारिज करने की मांग की है। 

केंद्र ने सुनवाई के दौरान सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत चल रहे काम का बचाव किया और कहा कि परियोजना के निर्माण को रोकने की मांग करने वाली याचिका कानून की प्रक्रिया का सरासर दुरुपयोग है।

वहीं 65 संगठनों ने केंद्र सरकार से 13,450 करोड़ रुपये की इस परियोजना को रोकने और सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल महामारी से निपटने में करने का आग्रह किया गया है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत नया संसद भवन, प्रधानमंत्री और उप राष्ट्रपति के घर के अलावा कई सरकारी बिल्डिंग राजपथ और इंडिया गेट का पास निर्मित किए जा रहे हैं।

इससे पहले 12 राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को रोकने की मांग की थी। पत्र में लिखा गया है कि विपक्ष ने कई बार केंद्र सरकार को इस बारे में व्यक्तिगत या संयुक्त रूप से क़दम उठाने की सलाह दी, लेकिन दुर्भाग्य से सरकार ने या तो इसकी अनदेखी की या सभी सलाह को ख़ारिज कर दिया। जिसके कारण ही मानव त्रासदी की ऐसी स्थिति आई है।

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