Punjab में आयुष्मान पर घमासान, अब लोग पूछ रहे क्या यही है मान सरकार का दिल्ली मॉडल, गरीब मरीज जाएं तो जाएं कहां

Punjab News : पीजीआई चंडीगढ़ द्वारा फ्री इलाज रोकने के बाद से प्रदेश के निजी अस्पताल संचालकों ने भी मरीजों का फ्री में इलाज करने से इनकार कर दिया है।

Update: 2022-08-04 08:02 GMT

Punjab News : पीजीआई चंडीगढ़ द्वारा फ्री इलाज रोकने के बाद से प्रदेश के निजी अस्पताल संचालकों ने भी मरीजों का फ्री में इलाज करने से इनकार कर दिया है।

Punjab News : पंजाब में भगवंत मान सरकार ( Bhagwant Man Government) द्वारा दिल्ली मॉडल ( Delhi Health Model ) लागू करने के कुछ माह बाद ही उसकी कलई खुलकर सामने आ गई है। हालत यह है कि पंजाब के लाखों गरीब मरीज प्राइवेट अस्पताल में पैसों के अभाव में इलाज नहीं करा सकते। दूसरी तरफ पंजाब सरकार द्वारा आयुष्मान भारत ( Ayushman Scheme ) का पैसा न जारी करने पर चंडीगढ़ पीजीआई ( PGI Chandigarh ) समेत कई सरकारी अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के तहत फ्री में इलाज रोक दिया है। पीजीआई चंडीगढ़ द्वारा फ्री इलाज रोकने के बाद से प्रदेश के निजी अस्पताल संचालकों ने भी मरीजों का फ्री में इलाज करने से इनकार कर दिया है।

लोग पूछ रहे - क्या इसी दिल्ली मॉडल के भरोसे होगा गरीब का इलाज

इस घटना के बाद से एक तरह गरीब मरीज बेहाल हैं तो दूसरी तरफ पंजाब में इसको लेकर सियासी हंगामा भी मच गया है। विपक्षी पार्टियों ने भगवंत मान सरकार हमला बोल दिया है। विपक्षी दलों के नेता पूछ रहे हैं, क्या यही है मान सरकार को दिल्ली मॉडल। क्या इसी के भरोसे पंजाब में गरीब मरीजों का इलाज होगा। क्या मोहल्ला क्लिनिक में गरीब मरीजों का इलाज होगा, अगर हां, तो कहां मोहल्ला क्लिनिक। इतना ही नहीं, राजनेता से लेकर आम आदमी तक पूंछ रहे हैं कि भगवंत मान सरकार की इसके पीछे योजना निजी अस्पताल संचालकों को लाभ पहुंचाने की तो नहीं है। क्या ये सब गरीब मरीजों को लूट कर किया जाएगा।

विपक्षी हमले से घबराए चीमा बोले - आज से फ्री में इलाज शुरू, हम जारी कर रहे पैसा

दरअसल, पंजाब में आयुष्मान स्कीम ( Ayushman Scheme ) के तहत 5 लाख तक कैशलेस इलाज बंद किए जाने पर सियासी बवाल मच गया है। कल पीजीआई चंडीगढ़ ने भी 16 करोड़ बकाया न देने पर इलाज से इनकार कर दिया था। इसके बाद विरोधियों ने आम आदमी पार्टी और सीएम भगवंत मान को घेर लिया। विपक्षी दलों के नेता पूछ रहे हैं कि क्या यही वह हेल्थ मॉडल है, जिसे सीएम भगवंत मान ने दिल्ली से लाकर पंजाब में लागू किया है। गुरुवार को पंजाब सरकार में वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने दावा किया है कि पीजीआई में गुरुवार से फ्री में इलाज शुरू हो जाएगा। पंजाब सरकार फंड जारी कर रही है।

सीएम तो पेट में दर्द होने पर दिल्ली चले गए, गरीब जनता कहां जाए - SAD

शिरोमणि अकाली दल के नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाणा ने कहा कि पीजीआई के अलावा सेक्टर 32 और 16 अस्पताल में मरीजों का इलाज बंद कर दिया गया है। पीजीआई चंडीगढ़ का 16 करोड़, सेक्टर 16 अस्पताल के 3 करोड़ और ढाई करोड़ 32 सेक्टर मेडिकल कॉलेज का पेंडिंग पड़ा है। क्या यही पंजाब सरकार का दिल्ली मॉडल है। 300 करोड़ पंजाब के अस्पतालों का बकाया है। 40 लाख गरीब परिवार इलाज से वंचित है। सीएम के पेट में दर्द हुआ तो जहाज लेकर स्पेशल दिल्ली जाकर एडमिट हो गए थे। गरीब आदमी कहां जाएं।

मोहल्ला क्लिनिक के नाम पर लीपापोती न करे मान सरकार : BJP

वहीं भाजपा महासचिव जीवन गुप्ता ने कहा कि पंजाब सरकार के लिए यह शर्म की बात है। मोदी सरकार ने गरीब आदमी के लिए 5 लाख तक के फ्री इलाज की सुविधा दी थी। पंजाब सरकार इस पर गंभीर नहीं है। मोहल्ला क्लीनिक के नाम पर लीपापोती का आम आदमी पार्टी सरकार वाहवाही बटोर रही है। इसके उलट आयुष्मान योजना का कुछ हिस्सा भी जमा नहीं करा रही। पंजाब में 6 महीने से रुपया पेंडिंग हैं। अब चंडीगढ़ ने भी इसे बंद कर दिया है।

प्राइवेट अस्पतालों को लाभ पहुंचाना चाहती है मान सरकार : Congress

आप सरकार पर हमला बोलने में कांग्रेस भी पीछे नहीं है। पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सीएम भगवंत मान से पूछा है क्या यही वह हेल्थ मॉडल है, जिसे वे पंजाब पर लागू करना चाहते थे। अब पीजीआई ने भी बकाया न देने पर इलाज से मना कर दिया है। कहीं यह जानबूझकर तो नहीं किया जा रहा कि मरीज इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर हो जाएं।

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