तौकते तूफान के कारण मुंबई हाई के पास डूबा जहाज, 100 के करीब लोग लापता

तौकते तूफान के चलते कल मुंबई में 200 एमएम से अधिक बारिश हुई है। इस बारिश ने पिछले 21 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले मुंबई में सन 2000 में ऐसी बारिश हुई थी।

Update: 2021-05-18 09:59 GMT

गुजरात के भावनगर में राहत एवं बचाव कार्य करता एनडीआरएफ का दल 

जनज्वार ब्यूरो तौकते तूफान के कारण मुंबई हाई के पास बार्ज P-305 नामक जहाज डूब गया है। इस जहाज में 273 से अधिक लोग सवार थे। जानकारी के अनुसार लगभग 170 लोगों को ढूंढ लिया गया है। जबकि शेष लोगों को खोजने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। लोगों को बचाने के लिए पहले से अलर्ट नौसेना द्वारा पूरी कोशिश की जा रही है। जहाज के रेस्क्यू के लिए आई एन एस कोच्चि को रवाना किया गया लेकिन हालात बहुत ज्यादा खराब थे। समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही थी और तेज हवाएं चल रही थी। इस कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही थी। बाद में आई एन एस कोलकाता को भी रेस्क्यू अभियान के लिए भेजा गया। 100 के आस-पास लोग अभी भी लापता हैं। 

मुंबई में टूटा बारिश का रिकॉर्ड

तौकते तूफान के चलते कल मुंबई में 200 एमएम से अधिक बारिश हुई है। इस बारिश ने पिछले 21 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले मुंबई में सन 2000 में ऐसी बारिश हुई थी।

महाराष्ट्र से लेकर गुजरात तक तबाही

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ऑफिस के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार तूफान के कारण 6 लोगों की मृत्यु हुई है तथा 9 लोग घायल हुए हैं। 12500 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

महाराष्ट्र से तूफान गुजरात की ओर बढ़ गया है। गुजरात में तूफान की वजह से 4 लोगों की जान गई है। गुजरात में तूफ़ान के चलते 40 हज़ार पेड़ टूटे हैं जबकि 16500 झोपड़ियां प्रभावित हुई हैं।

महाराष्ट्र, गुजरात व दमन में राहत एवं बचाव कार्य में एनडीआरएफ की टीम लगातार लगी हुई है। एनडीआरएफ के महानिदेशक सत्यनारायण प्रधान ने ट्वीट करते हुए यह जानकारी दी है।


तूफान को देखते हुए आज मंगलवार की सुबह भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र, गुजरात के मुख्यमंत्रियों व केंद्र शासित प्रदेश दमन के प्रशासन से बात की है तथा हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।

उत्तर भारत के राज्य भी होंगे प्रभावित

लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया है कि चक्रवाती तूफान तौकते के कारण जल्दी उत्तर प्रदेश समेत कई उत्तरी राज्य भी प्रभावित होंगे। मौसम विभाग के अनुसार तूफान के साथ-साथ पश्चिमी विक्षोभ भी अपना असर दिखाएगा। जिसके कारण बारिश का सिलसिला 20 मई तक जारी रहने का अनुमान है।

Tags:    

Similar News