Sonu Sood : तीन दिन की छापेमारी के बाद आयकर विभाग का दावा- सोनू सूद ने की 20 करोड़ की टैक्स चोरी

Sonu Sood : सीबीडीटी (CBDT) ने एक बयान में कहा कि अभिनेता और उनके सहयोगियों के परिसरों की तलाशी के दौरान टैक्स चोरी से संबंधित आपत्तिजनक सबूत मिले हैं....

Update: 2021-09-18 08:53 GMT

(आयकर विभाग : सोनू सूद चैरिटी फाउंडेशन में विदेशी धन के लेन-देन में कानून का उल्लंघन)

Sonu Sood IT Raid जनज्वार। तीन दिन तक बॉलीवुड (Bollywood) अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) के ठिकानों पर छापेमारी के बाद आयकर विभाग (Income Tax Department) ने शनिवार को कहा कि उनके खिलाफ बीस करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। विभाग ने कहा कि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनयम के उल्लंघन के अलावा सोनू सूद और उनके सहयोगियों के द्वारा बीस करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ। आयकर विभाग ने शुक्रवार 17 सितंबर को कथित टैक्स चोरी के मामले में सोनू के मुंबई, नागपुर और जयपुर परिसरों पर छापेमारी की थी। 

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानि सीबीडीटी (CBDT) ने एक बयान में कहा कि अभिनेता और उनके सहयोगियों के परिसरों की तलाशी के दौरान टैक्स चोरी से संबंधित आपत्तिजनक सबूत मिले हैं। सीबीडीटी ने कहा कि अभिनेता ने फर्जी संस्थाओं से फर्जी और असुरक्षित ऋण (Insecure Loan) के रूप में बेहिसाब पैसे जमा किए। आयकर विभाग ने मुंबई में सोनू सूद के विभिन्न परिसरों के साथ-साथ लखनऊ स्थित रियल एस्टेट ग्रुप में तलाशी और जब्ती अभियान चलाया था। दो दिनों में मुंबई, लखनऊ, कानपुर, जयपुर, दिल्ली और गुरुग्राम में कुल 28 परिसरों की तलाशी ली गई।

सीबीडीटी ने बयान में आगे कहा कि अबतक की जांच में 20 ऐसी प्रविष्टियों के उपयोग का पता चलता है जिनके प्रदाताओं ने फर्जी आवास प्रविष्टियां देने की शपथ ली है। उन्होंने नकद के बदले चेक जारी करना स्वीकार किया है। ऐसे कई उदाहरण हैं जहां पेशेवर प्राप्तियों को कर चोरी के उद्देश्य से अकाउंट में ऋण के रूप में छिपाया गया है। यह भी पता चला है कि इन फर्जी ऋणों का इस्तेमाल निवेश करने और संपत्ति हासिल करने के लिए किया गया है। आयकर विभाग ने सोनू सूद चैरिटी फाउंडेशन (Sonu Sood Charity Foundation) में विदेशी धन के लेन-देन में कानून का उल्लंघन (Violation) पाया है।

सीबीडीटी ने कहा कि फाउंडेशन ने 1 अप्रैल 2021 से अबतक 18.94 करोड़ रुपये का चंदा इकट्ठा किया है जिसमें से उन्होंने विभिन्न राहत कार्यों के लिए करीब 1.9 करोड़ रुपये खर्च किए हैं जबकि शेष 17 करोड़ रुपये बैंक में फाउंडेशन के बैंक अकाउंट में बगैर इस्तेमाल के पाए गए हैं। 

सीबीडीटी ने कहा कि ऐसा देखा गया है कि चैरिटी फाउंडेशन ने क्राउड फंडिंग प्लेटफॉर्म पर एफसीआरए नियमों (विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम) का उल्लंघन करते हुए विदेशी दानदाताओं से 2.1 करोड़ रुपये की राशि भी जुटाई है।

सोनू सूद सोशल मीडिया (Social Media) पर काफी एक्टिव रहते हैं। हालांकि उन्होंने आयकर विभाग की ओर से की गई छापेमारी पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन सोशल मीडिया पर लोग उनके समर्थन में खड़े हैं। साल 2020 के शुरुआत में जब कोरोना महामारी के चलते अचानक सख्त लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा की गई थी तब कई प्रवासी मजदूर (Migrant Labours) देश के अलग-अलग हिस्सों में फंस गए थे। तब सोनू सूद ने कई प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने का नेक काम किया था। तब से वह लगातार प्रवासी मजदूरों की मदद करते आए हैं। लोग सोशल मीडिया पर मदद मांगते हैं और सोनू सूद उन्हें तुरंत मदद पहुंचाते हैं।

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