Supreme Court : रेप आरोपी छात्रनेता को मिली जमानत तो मनाया जश्न, 'भैया इज बैक' के लगाए पोस्टर, खफा सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात

Supreme Court : छात्रनेता पर मध्यप्रदेश की एक महिला ने शादी का झांसा देकर रेप का आरोप लगाया है....

Update: 2022-04-12 07:49 GMT

CJI on Judiciary : न्यायपालिका पर पेंडिंग केसों का बोझ, कोर्ट जाते समय लोगों के मन में शंका रहती है कि जाने कब न्याय मिलेगा : चीफ जस्टिस

Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट रेप आरोपी (Rape Accused) छात्रनेता को जमानत पर बाहर आने का समर्थकों द्वारा जश्न मनाने पर खफा हो गई है। छात्रनेता (Student Leader) के समर्थकों ने रेप आरोपी के समर्थन में भैया इज बैक के पोस्टर लगाए। सीजेआई एनवी रमना के नेतृत्व में तीन जजों की बेंच में जस्टिस हिमा कोहली ने पूछा कि भैजा इज बैक के होर्डिंग लगाए गए हैं, ये किस बात का जश्न मना रहे है? वहीं सीजेआई जस्टिस एनवी रमना (CJI NV Ramana) ने भी आरोपी पक्ष के वकील से कहा कि भैया इज बैक क्या है और अपने भइया से कहें कि आने वाले एक हफ्ते सतर्क रहे।

दरअसल मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की एक महिला ने आरोपी छात्रनेता की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। महिला की ओर से अपनी अपील में कहा गया है कि आरोपी शादी का झांसा देकर लगातार उससे रेप करता रहा और इस दौरान उसने बच्चे का गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया।

रेप का आरोपी शुभांग गोंटिया भाजपा की स्टुडेंट विंग एबीवीपी (ABVP) का छात्रनेता है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से उसे एक नोटिस जारी कर दिया गया है जिसमें उससे पूछा गया है कि उसकी जमानत क्यों रद्द नहीं की जानी चाहिए। इसके साथ ही कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार से भी इस मामले में जवाब मांगा है। 

(रेप आरोपी एबीवीपी नेता शुभांग गोटिया)

पीड़िता का दावा है कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मामले में तथ्यों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और शुभांग गोंटिया को नवंबर में जमानत दे दी। सुनवाई के दौरान महिला ने आरोपी से शादी के सबूत भी दिखाए जिसमें आरोपी पीड़ित महिला की मांग में सिंदूर और मंगलसूत्र पहनाता हुआ नजर आ रहा है। वहीं इस दौरान वह गर्भवती हो गई थी और उसे बच्चे का गर्भपात करना के लिए भी मजबूर किया गया। 

फिर महिला ने जबलपुर पुलिस थाने में सुभांग के खिलाफ रेप की एफआईआर दर्ज कराई। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने पीड़िता से शादी का झूठा वादा करके तीन साल के दौरान उससे कई बार शारीरिक संबंध बनाए। उसे पिछले साल मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से सितंबर में गिरफ्तार किया गया जिसके तुरंत बाद वह फरार हो गया। पीड़िता की याचिका पर अगली सुनवाई 158 अप्रैल को होगी।

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