यूपी के गाजीपुर मलसा गांव में गंगा का पानी पीने से 217 भेड़ों की मौत, कोरोना से पानी दूषित होने को लेकर हड़कंप

एक साथ बड़ी संख्या में भेड़ों के मरने के बाद गांव के लोग गंगा के पानी को कारण बताते हुए कई तरह की चर्चा कर रहे हैं, कह रहे हैं गंगा का पानी कोरोना की वजह से दूषित हो गया है जिसे पीकर भेड़ों की मौत हुई है...

Update: 2021-05-15 11:14 GMT

photo - social media

जनज्वार ब्यूरो, लखनऊ। यूपी में गाजीपुर की कोतवाली जमानिया क्षेत्र के मलसा गांव में गुरुवार देर रात लगभग 2 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में 217 भेड़ों के मरने से गांव में सनसनी फैल गई। घटना के बाद मलसा सहित आसपास क्षेत्रों में भेड़ों की मौत को लेकर चर्चा का विषय बन गई। बड़ी संख्या में भेड़ों की मौत की सूचना पर तहसील, पशुपालन विभाग सहित पुलिस ने मौके का मुआयना किया।

मलसा गांव निवासी राघव पाल व भैरव पाल ने बताया कि रोज की तरह बुधवार को भी शाम 4 बजे भेड़ें चराने के बाद हाते में बंद की गईं थीं। गृहस्थी का काम निपटाने के बाद परिवार के सभी सदस्य रात करीब 9 बजे खाना खाकर सो गए। देर रात तकरीबन 2 बजे शौच करने के लिए आंख खुली तो हाते में कोई चहल पहल नहीं सुनाई दी। हाते में जाकर देखा तो एक के ऊपर एक भेड़ें मरी हुई पड़ी थीं।

भेड़ों को मरा हुआ देखकर भैरव चिखने चिल्लाने लगा। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस और तहसील के अधिकारियों को दी। घटना की सूचना पर तहसील प्रशासन के साथ पशुपालन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। पशुपालन विभाग के डॉक्टर ने भेड़ों का अंग परीक्षण किया और  परीक्षण के बाद सभी भेड़ों को गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।

मृतक भेड़ो का परीक्षण करने वाले पशु डॉक्टर संतोष कुमार ने बताया कि कुल 217 भेड़ें मृत पाई गई हैं। जिसमें से राघव पाल की 170 और भैरवनाथ पाल की 47 भेड़ें हैं। मृत भेड़ो में 58 नर और 159 मादा हैं। अंग परीक्षण के बाद ज्ञात हुआ कि इन भेंड़ों कि मौत फूड प्वाइजनिंग की वजह से हुई है।  

भेड़ों के मरने को लेकर मलसा गांव में हड़कंप मचा हुआ है। एक साथ बड़ी संख्या में भेड़ों के मरने के बाद गांव के लोग गंगा के पानी को कारण बताते हुए कई तरह की चर्चा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि गंगा का पानी कोरोना की वजह से दूषित हो गया है और इस दूषित पानी को पीकर भेड़ों कि मौतें हुई है।

वहीं भेड़ों की मौत की जांच करने आए अधिकारियों का कहना है कि 'पूछताछ में पता चला कि एक दिन पूर्व घर में तिलक था। जिसका बचा हुआ खाना भेड़ों को खिलाया गया था। इस कारण से फूड प्वाइजनिंग हो गई और भेड़ों की मौत हुई है।'

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