Uttar Pradesh News: गाजीपुर के युवाओं ने मुख्यमंत्री योगी को खून से खत लिखकर जिले में विश्वविद्यालय खोलने की उठायी मांग

Uttar Pradesh News: विश्वविद्यालय स्थापना के सभी मानक पूर्ण करने के बावजूद आज तक गाजीपुर जनपद में एक भी विश्वविद्यालय नहीं है। यहां के गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता है...

Update: 2021-11-14 08:25 GMT

गाजीपुर के छात्रों ने योगी को खून से लिखा पत्र भेजा (file photo)

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में सरकार तक अपनी बातें पहुंचाने के लिए छात्रों को अब खून से पत्र लिखने की नौबत आ गई है। दरअसल, पिछले कई सालों से गाजीपुर के छात्र जिला में एक विश्वविद्यालय स्थापना की मांग कर रहे हैं। बावजूद इसके सूबे की सरकार कोई ठोस पहल नहीं कर रही। मजबूरन, मुख्यमंत्री योगी (Yogi Adityanath) का इस ओर ध्यान आकर्षित कराने के लिए गाजीपुर के युवा छात्रों ने खून से पत्र लिखकर सीएम (UP Chief Minister) को भेजा है।

पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने बताया कि गाजीपुर(Gazipur) जनपद की भोगौलिक पृष्ठभूमि 75 फीसदी ग्रामीण है। यहां पर कम आय वर्ग के लोग रहते है। जिस कारण इस इलाके में उच्च शिक्षा का अभाव है। दीपक ने बताया कि विश्वविद्यालय स्थापना के सभी मानक पूर्ण करने के बावजूद आज तक गाजीपुर जनपद में एक भी विश्वविद्यालय (University) नहीं है। यहां के गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता है।
(सीएम योगी आदित्यनाथ को संबोधित छात्रों के खून से लिखा पत्र)
गाजीपुर में विश्वविद्यालय स्थापना को लेकर सरजू पाण्डेय पार्क में छात्रों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम खून से पत्र लिखा और विश्वविद्यालय स्थापना की मांग रखी। सीएम को संबोधित पत्र को जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया है। छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय स्थापना को लेकर वे कई वर्षों से लगातार पत्रक और धरना दे रहे हैं। कई बार इस मामले को ट्विटर पर ट्रेंड भी कराया गया। यूनिवर्सिटी स्थापना को लेकर कई बार सरकार का ध्यान गाजीपुर की तरफ खींचने का प्रयास किया है, पर कोई नतीजा नहीं निकला। कोई ठोस पहल न होने से निराश छात्रों ने विश्वविद्यालय स्थापना की मांग की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित कराने के लिए अब अपने खून से लिखा पत्र भेजा है।

छात्रों के अनुसार, उन्हें भी उच्च शिक्षा ग्रहण करने का पूरा अधिकार है। इस वजह से उन्होंने खून से लिखा पत्र सरकार को भेजने का काम किया है। युवाओं की मांग है कि इस बाबत सरकार शीघ्र विश्वविद्यालय को लेकर घोषणा करे। जिला पंचायत सदस्य गोविन्द यादव ने कहा कि छात्र वर्षों से मांग उठा रहे हैं लेकिन सरकार का ध्यान गाजीपुर जनपद की तरफ नहीं पड़ रहा। जिसके बाद छात्रों ने मजबूरन अपने खून से योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। वहीं दूसरी ओर महामंत्री प्रवीण विश्वकर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय की मांग जल्द से जल्द पूर्ण नहीं की जाती है तो जनसमर्थन से छात्र उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। सरजू पाण्डेय पार्क में मौजूद सभी छात्रों ने कहा कि सरकार शीघ्र विश्वविद्यालय की मांग पूर्ण नहीं करती हैं तो गाजीपुर के छात्र अब धरना प्रदर्शन पर बैठने को बाध्य होंगे। छात्रों ने एक स्‍वर से अपनी मांग को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

Tags:    

Similar News