Pithoragarh Cloud Burst: बादल फटने से भारत नेपाल सीमा पर भारी तबाही, 6 शव बरामद, नेपाल क्षेत्र के दर्जन भर लोग लापता

Pithoragarh Cloud Burst: भारत नेपाल सीमा स्थित धारचूला क्षेत्र में बादल फटने के बाद आए पानी के तेज बहाव ने दोनों देशों में खासी तबाही मचा दी। दोनो क्षेत्रों में दर्जनों घर ध्वस्त होने की खबर है।

Update: 2022-09-10 12:09 GMT

Pithoragarh Cloud Burst: बादल फटने से भारत नेपाल सीमा पर भारी तबाही, 6 शव बरामद, नेपाल क्षेत्र के दर्जन भर लोग लापता

Pithoragarh Cloud Burst: भारत नेपाल सीमा स्थित धारचूला क्षेत्र में बादल फटने के बाद आए पानी के तेज बहाव ने दोनों देशों में खासी तबाही मचा दी। दोनो क्षेत्रों में दर्जनों घर ध्वस्त होने की खबर है। भारतीय क्षेत्र से एक महिला तो नेपाल क्षेत्र से पांच शव बरामद किए जा चुके हैं। नेपाल क्षेत्र में दर्जन भर लोग लापता भी बताए जा रहे हैं।

शनिवार सुबह भारतीय सीमा के धारचूला से लगे नेपाल के दार्चुला जिले के छापली में भारी बारिश से लास्कू गांव में बादल फटने से यह भारी तबाही मची है। बादल फटने के बाद उफान पर आई काली नदी की चपेट में आने से नेपाल में डेढ़ दर्जन से अधिक मकान नदी में समा गए हैं। पांच लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। भारत के धारचूला के खोतिला गांव में मलबे में दबने से एक महिला की मौत के बाद रेस्क्यू टीम ने महिला का शव बरामद कर लिया गया है।


नेपाल प्रशासन के अनुसार इस घटना में महाकाली नगर पालिका दो निवासी नंदराम बोहरा (77), वार्ड नंबर एक सल्ला की मानमती कार्की (44), नौगांव पालिका दो की जानकी ठगुन्ना (32), धनुली ठगुन्ना (15) और मोहनराम पार्की (68) के शव बरामद हो चुके हैं। जबकि अभी कई लोग लापता हैं। मलबे में सल्ला गांव के आठ घर दब गए हैं। गांव के बीरा ठगुन्ना को गंभीर चोट आयी है। खलंगा स्थित दशरथनगर स्कूल बह गया है। दुहु और महाकाली को जोड़ने वाले लास्कू सस्पेंशन पुल और मोटर पुल भी नदी में समा गए हैं। दार्चुला तिंकर सड़क में खड़े चार वाहन भी बह गए। नदी में बाढ़ से तटबंध भी क्षतिग्रस्त हो गये है। घटना स्थल पर राहत एवं बचाव कार्य के लिये नेपाली सेना, पुलिस व सशस्त्र पुलिस को तैनात किया गया है।

पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में भी भारी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। धारचूला में भारी बारिश से काली नदी का प्रवाह शुक्रवार रात को कुछ देर के लिए रुक गया था। नेपाल की ओर स्लाइड होकर नदी में मलबा पहुंच जाने के बाद खतरा बढ़ गया है। इसकी वजह से खोतीला गांव में 37 घरों में मलबा घुस गया। इससे लोगों को लाखों रूपये का नुकसान हुआ है। बारिश के बाद यहां की अन्य नदियां भी उफना गईं हैं। एक महिला पशुपति देवी 55 वर्ष की मकान के मलबे में दबकर मौत हो गई है। तीन वाहन भी मलबे में दब गए हैं। धारचूला में बीती रात 1 बजे से भारी बारिश के बाद काली नदी उफान में आ गई थी। इस दौरान नेपाल की तरफ से हुए भूस्खलन के बाद कुछ देर के लिए नदी का प्रवाह थम गया। बताया जा रहा है की पानी अधिक भर जाने के बाद नदी ने नेपाल की तरफ रुख मोड़ लिया।

जिला मुख्यालय से पहुंची रेस्क्यू टीम के साथ स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुट गया है। नेपाल में अतिवृष्टि के बाद पहाड़ी से गिरे मलबे ने काली नदी का प्रवाह रोक दिया। जिससे यहां नदी में झील बन गई। झील बनने से खोतिला गांव खतरे में आ गया। नेपाल के छापली में 11 लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं धारचूला के ऐलधारा में भी भूस्खलन होने से खड़ी गली व मल्ली बाजार के 12 से अधिक मकानों में मलबा घुस गया।

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