कानून की धज्जियां उड़ा हल्द्वानी डीएम कार्यालय के पास हो रहे बेसमेंट निर्माणस्थल पर हादसा

Update: 2018-12-26 14:25 GMT

हादसे में एक मजदूर बुरी तरह घायज, पूर्व में भी इस निर्माण स्थल पर हो चुके हैं कई हादसे, मगर अब तक पुलिस-प्रशासन ने नहीं ली कोई सुध, अभी भी निर्माण कार्य बदस्तूर जारी...

हल्द्वानी, जनज्वार। हल्द्वानी के एसडीएम कोर्ट के सामने प्रेम टॉकीज के पास चल रहा बेसमेंट निर्माण कार्य में आज 26 दिसंबर को एक और हादसा हो गया। पाड़ टूटने से एक श्रमिक बुरी तरह घायल हो गया। उसका चिकित्सालय में उपचार कराया गया।

दुर्घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मामले की बाबत जानकारी जुटाई। इस बीच यहां की सड़क धंसनी भी शुरू हो गई है। निर्माण कार्य के आसपास की दुकानें भी क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद कर दी गई हैं। यह मामला मुख्यमंत्री दरबार तक भी पहुंच चुका है, लेकिन अभी तक कार्य कराने वालों पर कोई अंकुश नहीं लगाया जा सका है।

गौरतलब है कि प्रेम टॉकीज के पास स्थित इस निर्माणाधीन चर्चित बेसमेंट का कार्य लंबे समय से चल रहा है। इसमें जहां पूर्व में एक आल्टो कार गिर गई थी, वहीं कई अन्य हादसे भी हो चुके हैं। लेकिन पुलिस-प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली, जिसके चलते यह कार्य बदस्तूर जारी है।

कायदे-कानून ताक में रखकर किए जा रहे इस बेसमेंट के निर्माण कार्य से भलीभांति परिचित होने के बाद भी पुलिस-प्रशासन अनजान बना हुआ है। ऐसा तब है जब इस निर्माण के समीप ही पांच सौ मीटर की दूरी पर सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम तथा डीएम का कैम्प कार्यालय है।

बताया जाता है कि इसके निर्माण के लिए एक पाड़ बांधी गई थी, जिसमें 13 श्रमिक कार्य कर रहे थे। मिट्टी डालने के दौरान अचानक पाड़ टूट गई, जिससे उसमें खड़े श्रमिक नीचे गिर गए। मूल रूप से बिहार निवासी जितेंद्र राय पुत्र राम चन्द्र राय पाड़ के नीचे दब गया। इससे साथी श्रमिकों में हडक़ंप मच गया। उन्होंने किसी तरह श्रमिक को पाड़ के नीचे से निकाला।

हादसे में जितेंद्र बुरी तरह घायल हो गया। इसकी सूचना पर भोटिया पड़ाव चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। बताया जाता है कि हादसे के बाद ठेकेदार भाग गया।

बेसमेंट निर्माण में लगे श्रमिकों की सुरक्षा का ठेकेदार ने कोई ध्यान नहीं रखा है। निर्माण कार्य के दौरान श्रमिकों को हेलमेट पहनना अनिवार्य है, लेकिन यहां किसी प्रकार की सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं।

बेसमेंट निर्माण के चलते आधी सडक़ ईंट-पत्थर व अन्य सामान रखकर घेरी गई है, जिसके चलते जहां जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, वहीं राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस ओर भी पुलिस-प्रशासन आंखें मूंदे हुए है।

निकाय चुनाव से कुछ दिन पहले नगर निगम की ओर से इस निर्माण कार्य को कराने वाले लोगों का निगम ने सड़क बर्बाद करने पर बीस लाख का चालान काटा था, इसके बावजूद निर्माण करने वालों ने न तो सडक़ ही बनाई और न ही जुर्माना भरा।

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