Budaun Crime News : UP में BJP MLA के पिता को गैंगरेप केस में उम्रकैद की सजा, विधायक बेटा भी रह चुका आरोपी
Budaun Crime News : वर्ष 2008 में जनपद बदायूं (Badaun) के कस्बा बिल्सी की रहने वाली एक छात्रा का अपहरण हुआ था और बाद में गैंगरेप भी किया गया
(पूर्व BSP विधायक योगेंद्र सागर को अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म कांड में उम्रकैद की सजा)
निर्मल कांत शुक्ल की रिपोर्ट
Budaun Crime News । भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक कुशाग्र सागर (Kushagra Sagar) के पिता पूर्व विधायक योगेंद्र सागर (Yogendra Sagar) को छात्रा के अपहरण और गैंगरेप (Kidnapping And Gangrape) के मामले में अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उनके ऊपर तीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। उनको न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
वर्ष 2008 में जनपद बदायूं (Badaun) के कस्बा बिल्सी की रहने वाली एक छात्रा का अपहरण हुआ था और बाद में गैंगरेप भी किया गया। छात्रा ने आरोप लगाया था कि उसे योगेंद्र सागर के लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर रखा गया और उसके साथ तेजेंद्र सागर, नीरज उर्फ मीनू शर्मा और खुद योगेंद्र सागर ने बलात्कार किया।
पीड़िता के अनुसार दिल्ली समेत कई स्थानों पर ले जाकर उसके बाद कई दिनों तक उसके साथ बलात्कार किया गया था। पुलिस एवं मीडिया का दबाव बढ़ने पर आरोपी छात्रा को मुज़फ्फर नगर में थाने के सामने छोड़ कर आ चले गए थे। इस मामले में पूर्व विधायक योगेंद्र सागर, उनका सहयोगी तेजेंद्र सागर समेत मीनू शर्मा भी नामजद थे। योगेंद्र सागर उस समय बहुजन समाज पार्टी से विधायक थे। वर्तमान में बिसौली विधानसभा सीट से भाजपा से उनके बेटे कुशाग्र सागर विधायक हैं। उनकी पत्नी प्रीति सागर जिला पंचायत अध्यक्ष भी रही हैं।
छात्रा से रेप मामले में दोषी पाए गए पूर्व विधायक योगेंद्र सागर को बदायूं के एमपी-एमएलए कोर्ट के स्पेशल जज अखिलेश कुमार (Justice Akhilesh Kumar) ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने की दशा में 3 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत ने आदेश में यह भी कहा है कि सभी सजाएं एक साथ चलाई जाएंगी। कोर्ट के फैसला सुनाने के बाद योगेंद्र सागर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उसका मेडिकल और कोविड टेस्ट कराया गया। उसके बाद विधायक को जेल भेजा।
यह था मामला
बिल्सी थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए सेकंड ईयर की एक छात्रा का 23 अप्रैल 2008 को अपहरण हो गया था। छात्रा अपनी सहेलियों के घर कुछ काम से गई थी। जब वह शाम तक घर नहीं लौटी तो घर वालों ने दूसरे दिन गुमशुदगी की रिपोर्ट बिल्सी थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने 16 मई 2008 को छात्रा को बरामद कर लिया। परिवार के साथ थाने पहुंचकर छात्रा ने पूर्व विधायक योगेंद्र सागर, उनके भाई तेजेंद्र सागर और मोनू शर्मा नाम के व्यक्ति पर अपहरण और गैंगरेप का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
तेजेंद्र और मीनू काट रहे उम्रकैद की सजा
16 जुलाई 2014 को कोर्ट ने तेजेंद्र सागर और मीनू शर्मा को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। तब से दोनों जेल में बंद हैं। योगेंद्र सागर ने भी 2014 में कोर्ट में सरेंडर किया था, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। इस समय वह इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर चल रहे थे।
भाजपा विधायक पर भी लगे चुके यौन शोषण के आरोप
बिल्सी के दिन पूर्व विधायक योगेंद्र सागर शनिवार को उम्र कैद की सजा सुनाई गई, उनके बेटे विधायक कुशाग्र सागर पर भी बरेली जिले की एक महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। यह मामला भी काफी दिनों तक अखबारों की सुर्खियों में रहा था।