वेलेंटाइन डे को मातृ-पितृ पूजन दिवस के बतौर मनाने की अपील के साथ दुष्कर्म के दोषी आसाराम के नाम से लगे दर्जनों होर्डिंग, जनता में भारी आक्रोश
एक गंभीर अपराध में दोषी ठहराए गए व्यक्ति के नाम और तस्वीरों से जुड़े प्रचार सामग्री का सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शन करना आपत्तिजनक है। लोगों का तर्क है कि इससे समाज में गलत संदेश जाता है...
बिलासपुर। जोधपुर केंद्रीय जेल में बंद बलात्कार के दोषी आसाराम के नाम से जुड़े कई होर्डिंग न्यायधानी में लगाए गए हैं। शहर के रेलवे स्टेशन रोड स्थित कंस्ट्रक्शन कॉलोनी, दुर्गा पंडाल के पास रेलवे क्षेत्र में दो बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। इन होर्डिंगों में 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के बजाय “मातृ-पितृ पूजन दिवस” के रूप में मनाने की अपील की गई है।
होर्डिंगों पर लिखा गया है “पूज्य संत श्री आसाराम बापू द्वारा प्रेरित मातृ-पितृ पूजन दिवस 14 फरवरी, सच्चा प्रेम दिवस”। इन पर यह भी उल्लेख है कि यह आयोजन या संदेश आसाराम आश्रम, सेंदरी की ओर से दिया गया है। सार्वजनिक स्थान पर इस तरह के बोर्ड लगाए जाने से क्षेत्र में चर्चा और बहस का माहौल बन गया है।
इन होर्डिंग्स को देखकर स्थानीय नागरिकों में बहुत आक्रोश है। उनका कहना है कि एक गंभीर अपराध में दोषी ठहराए गए व्यक्ति के नाम और तस्वीरों से जुड़े प्रचार सामग्री का सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शन करना आपत्तिजनक है। लोगों का तर्क है कि इससे समाज में गलत संदेश जाता है।
समाज में पड़ रहा नकारात्मक प्रभाव
एंटी सुपरस्टीशन ऑर्गेनाइजेशन (एएसओ) के अध्यक्ष मनोवैज्ञानिक टिकेश कुमार ने कहा कि बलात्कारी आसाराम के होर्डिंग से समाज में नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। वेलेंटाइन डे पर ही ऐसा बोर्ड लगाकर विशेष समुदाय को टारगेट किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि भाईचारा बनाए रखें और पाखंडी कथित बाबाओं के झांसे में न आए।