Srinagar Garhwal News: मेडिकल कॉलेज का प्रोफेसर निकला चोर, ढाई दर्जन चोरी के स्मार्टफोन बरामद

Srinagar Garhwal News : सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग देखते ही विद्यालय स्टाफ के होश फाख्ता हो गए। एक प्रोफेसर जो पिछले दस साल से इस कॉलेज में पढ़ा रहे थे, वही उस लड़के के स्मार्टफोन पर हाथ साफ करते दृष्टिगोचर हो रहे थे....

Update: 2021-12-20 11:55 GMT

सलीम मलिक की रिपोर्ट

Srinagar Garhwal News : शिक्षक जैसे गरिमामय पेशे से सभी की अपेक्षा रहती है कि वह समाज में मानवीय व नैतिक मूल्य स्थापित करने वाली शिक्षा से अपने छात्रों को सभ्य व गरिमायुक्त नागरिक बनाने में अपना यथासंभव योगदान देगा। लेकिन उत्तराखंड (Uttarakhand) का एक प्रोफेसर बजाए अपने छात्रों को अच्छी शिक्षा देने के उनके ही मोबाइल फोन चुराने में उस्तादी दिखाने लगा। सीसीटीवी में साफ-साफ फोन चुराने की घटना में कैद होने के बाद भी यह प्रोफेसर निर्लज्जता के साथ चोरी से इनकार करता रहा। सख्ती के साथ इस प्रोफेसर के कमरे की तलाशी में ढाई दर्जन स्मार्टफोन बरामद हुए हैं।

यह हैरान व शिक्षक जैसे पेशे को शर्मसार करने वाला मामला गढ़वाल मेडिकल कॉलेज (Veer Chandra Singh Garhwali Govt. Institute of Medical Science & Research) का है। जहां इस 15 दिसंबर को सरकारी मेडिकल कॉलेज की प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाना था। हर परीक्षा से पहले जिस प्रकार सभी बच्चों के स्मार्टफोन जमा कर लिए जाते हैं। उसी प्रकार उस दिन भी सभी परीक्षार्थियों के स्मार्टफोन विद्यालय प्रशासन द्वारा जमा कर लिए गए थे। परीक्षा समापन के बाद बाकी परीक्षार्थियों के फोन तो मिल गए। लेकिन एक छात्र का स्मार्टफोन नहीं मिला। गायब फोन की जब सब जगह छानबीन करने के बाद भी छात्र का स्मार्टफोन नही मिला तो कमरे के सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग खंगाली गयी।

सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग देखते ही विद्यालय स्टाफ के होश फाख्ता हो गए। एक प्रोफेसर जो पिछले दस साल से इस कॉलेज में पढ़ा रहे थे, वही उस लड़के के स्मार्टफोन पर हाथ साफ करते दृष्टिगोचर हो रहे थे।

प्रोफेसर की इस करतूत की जानकारी तत्काल कॉलेज के प्राचार्य को दी गयी। पहले तो प्राचार्य को भरोसा नही हुआ कि प्रोफेसर जैसा व्यक्ति इतने निचले स्तर की हरकत करेगा। लेकिन जब उन्होंने रिकॉर्डिंग देखी तो वह अन्य अधिकारियों के साथ प्रोफेसर के कमरे में पहुंच गए। प्राचार्य व अधिकारियों ने प्रोफ़ेसर से फोन के बारे में पूछा तो प्रोफेसर चोरी की बात से साफ इनकार करने लगे। उन्हें सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग दिखाई गई तो वह सीसीटीवी की फुटेज को ही झूठा बताने लगे। मजबूरन प्राचार्य और अधिकारियों को उनके कमरे की तलाशी लेनी पड़ी तो एक बारगी सबकी आंखे फटी रह गईं। कमरे से एक-दो नहीं बल्कि पूरे ढाई दर्जन यानी तीस फोन बरामद हुए।


लेकिन इतने पर भी प्रोफेसर ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने सभी अपने बताने शुरू कर दिए। लेकिन जब छात्र को बुलाया गया तो छात्र ने पहचान लिया कि उसका फोन कौन सा है। छात्र ने अपना फोन चेक किया तो पता चला कि मास्साब ने पकड़े जाने से पहले ही उसका फोन फॉर्मेट कर लिया था। जिससे यह भी स्थापित हो गया कि फोन उठाया ही चोरी की मंशा से गया था।

बहरहाल, इस मामले को शिकायत के अभाव में अभी पुलिस के हवाले नहीं किया गया है। लेकिन फिलहाल विद्यालय प्रशासन ने बरामद सभी फोन अपनी कस्टडी में लेकर इस पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। अंदेशा जताया जा रहा है कि बरामद सभी फोन में से एक-दो को छोड़कर सब प्रोफेसर की इसी हाथ की सफाई वाली कला की देन हैं। लेकिन क्योंकि विद्यालय प्रशासन के पास इस एक शिकायत के अलावा कोई और शिकायत दस्तावेज के रूप में उपलब्ध नहीं है। इसलिए विद्यालय प्रशासन जांच के बाद ही बरामद फोन्स के स्टेटस की जानकारी और प्रोफेसर के खिलाफ कार्यवाही की बाद कह रहा है।

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