वनग्राम सुंदरखाल, देवीचौड़ खत्ता, चौफुला खत्ता और धनगढ़ी खत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने के दावे पर आपत्ति और संशोधन को लेकर ग्रामीणों ने किया खुली बैठक का आयोजन
वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत राजस्व ग्राम घोषित करने की दिशा में ग्राम सुंदरखाल, देवीचौड़ खत्ता, चौफुला खत्ता एवं धनगढ़ी खत्ता में ऐतिहासिक एकता और सशक्त बैठक....
सुंदरखाल (रामनगर, नैनीताल)l शनिवार 11 अप्रैल को अपराह्न 3 बजे राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुंदरखाल में वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत ग्राम सुंदरखाल, देवीचौड़ खत्ता, चौफुला खत्ता एवं धनगढ़ी खत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने के दावे पर आपत्ति और संशोधन को लेकर ग्रामीणों की एक विशेष खुली बैठक का आयोजन किया गया।
ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति के आह्वान पर आयोजित इस बैठक में सैकड़ों ग्रामीणों ने भारी संख्या में भाग लिया। बैठक अत्यंत उत्साहजनक, अनुशासित और सकारात्मक रही। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि हम पीढ़ियों से इन भूमियों पर निवास कर रहे हैं और ऐतिहासिक साक्ष्यों तथा पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों से पूर्ण सहमति जताते हैं।
बैठक में सामूहिक वनाधिकार के दावे को पढ़ा गया और ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से हाथ उठाकर ध्वनि मत से अपना समर्थन दर्ज कराया। बैठक में वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रावधानों विशेषकर पुराने कब्जे, सामुदायिक संसाधनों के अधिकार, जंगल बचाने का अधिकार और वन गांवों को राजस्व गांव बनाने के अधिकार इत्यादि पर विस्तार से चर्चा की गई।
ग्रामीणों ने कहा कि हमारा समुदाय सदियों से इस भूमि से जुड़ा हुआ है। अब समय आ गया है कि शासन-प्रशासन हमारे गाँव को अविलम्ब राजस्व ग्राम का दर्जा दे, ताकि हमें स्कूल, अस्पताल, सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
वन अधिकार अधिनियम का क्रियान्वयन वन गाँवों के वैध अधिकारों की मान्यता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनका दावा स्वीकार कर रामपुर, लेटी व चौपड़ा की तरह सुंदरखाल, देवी चौड़ा, चौपुला और धनगढ़ी खत्ता को भी राजस्व ग्राम घोषित करेगी और ग्रामीणों को भी ग्राम सभा चुनने और चुने जाने का दिया जाएगा।
ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति ने सभी उपस्थित ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि दावे को शीघ्र ही संबंधित अधिकारियों को भेजा जाएगा, ताकि अंतिम रूप से राजस्व ग्राम घोषित करने की प्रक्रिया पूरी हो सके।