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उत्तर प्रदेश

Bharat Bandh : मंडी शुल्क हटाने और किसानों के समर्थन में UP उद्योग व्यापार मंडल का प्रदर्शन

Janjwar Desk
8 Dec 2020 9:53 AM GMT
Bharat Bandh : मंडी शुल्क हटाने और किसानों के समर्थन में UP उद्योग व्यापार मंडल का प्रदर्शन
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नया कृषि कानून के लागू होने के बाद प्रदेश की गल्ला व सब्जी मंडी में कृषि उत्पादों की आवक में भारी कमी आनी शुरू हो गई है, इससे मंडियों के अंदर व्यापार करने वाले आढ़तियों व व्यापारियों का व्यापार समाप्त होने की कगार पर है...

कानपुर, जनज्वार। उत्तर प्रदेश खाद्य पदार्थ उद्योग व्यापार मंडल ने आज किसानों के समर्थन में नौबस्ता गल्ला मंडी के अंदर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन में 'कृषि अध्यादेश 2020' के लागू होने पर यूपी के बाहर मंडी शुल्क समाप्त होने व मंडियों के अंदर मंडी शुल्क लागू रहने को लेकर विरोध किया।

उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की मांग है कि गल्ला व सब्जी मंडियों में प्रभावित होते व्यापार को बचाने के लिए मंडियों के अंदर भी मंडी शुल्क पूरी तरह से समाप्त किया जाए। भारत सरकार द्वारा 5 जून 2020 को 'कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य अध्यादेश 2020' आने से 6 जून 2020 को उत्तर प्रदेश में लागू हो गया।

जिसके बाद यूपी में गल्ला व सब्जी मंडियों के बाहर कृषि उत्पाद की खरीद बिक्री होने पर मंडी शुल्क नहीं लगेगा और ना ही मंडी समितियों के लंबी कागजी प्रक्रिया से गुजरना होगा। यहां तक कि मंडियों के बाहर कृषि उत्पादों की खरीद बिक्री के लिए किसी भी तरह के लाइसेंस की जरूरत भी नहीं होगी।

इस अध्यादेश के लागू होने के बाद प्रदेश की गल्ला व सब्जी मंडी में कृषि उत्पादों की आवक में भारी कमी आनी शुरू हो गई है। इससे मंडियों के अंदर व्यापार करने वाले आढ़तियों व व्यापारियों का व्यापार समाप्त होने की कगार पर है। व्यापारियों की मांग है कि मंडी को सुचारू रूप से चलाने के लिए वस्तु का प्रति कुंतल के हिसाब से मेंटेनेंस चार्ज लिए जाने से ही मंडियों का स्वरूप बच सकेगा। अन्यथा उत्तर प्रदेश में मंडियों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।

मंडियों में मंडी शुल्क खरीददार व्यापारी से लिया जाता है, लेकिन इसका पूरा बोझ किसानों पर अर्थात उनके कृषि उत्पादों और लागत पर पड़ता है। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में किसानों ने पूरे देश की मंडियों में बाहर व अंदर मंडी शुल्क की असमानता का मुद्दा भी अन्य मुद्दों के साथ उठाया है। जो कि कहीं न कहीं देश की गल्ला व सब्जी मंडियों को बचाने के लिए आवश्यक है।

व्यापार संगठन ने सूबे के मुखिया आदित्यनाथ के लिए ज्ञापन में एक सुझाव भी रखा है कि 'प्रदेश की गल्ला व सब्जी मंडियों में मंडी शुल्क पूरी तरह समाप्त करके गल्ला, मोटा अनाज, गुड़ व सब्जी में 5 रुपये प्रति कुंतल और दलहन, तिलहन व फल आदि में 10 रुपये प्रति कुंतल मेंटिनेंस चार्ज लिया जाए, जिससे मंडियों की व्यवस्था के लिए खर्चे भी निकल सकें। साथ ही मंडी के आढ़तियों और व्यापारियों का सुचारू रूप से व्यापार होने के साथ मंडियों का स्वरूप भी बचा रह सके।

प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश खाद्य पदार्थ उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्रा, महामंत्री विनोद कुमार व्यास, कोषाध्यक्ष हरिश्चन्द्र जायसवाल, नितिन अग्निहोत्री, अजय बाजपेई सहित सैकड़ों की संख्या में पदाधिकारी और व्यापारी वर्ग मौजूद रहा।

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