Kanya Sumangala Yojana : कानपुर में 3500 बेटियों का सत्यापन ना होने से पांच महीने से अटकी योजना की धनराशि

Kanya Sumangala Yojana : कानपुर में 3500 बेटियों का सत्यापन ना होने से पांच महीने से अटकी योजना की धनराशि
Kanya Sumangala Yojana : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा कन्या भ्रूड हत्या और बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर लगाम लगाने के लिए कन्या सुमंगला योजना की शुरूआत की गई थी। बशर्ते समय दर समय इस योजना में फर्जीवाड़े का खुलासा होता रहा। कहा गया कि इस योजना का लाभ पात्रों को नहीं बल्कि अपात्रों को मिल रहा है। अकेले कानपुर नगर (Kanpur Nagar) में बीते पांच माह से तकरीबन 3500 आवेदन पत्र लंबित पड़े हैं। जिनका अब तक सत्यापन ही नहीं हुआ। सरकारी आंकड़ों की माने तो शहर में अब तक 23 हजार बालिकाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।
इससे पहले साल 2021 की 15 अक्टूबर को भी खुलासा हुआ था कि कानपुर में कन्या सुमंगला योजना (Kanya Sumangala Yojana) में बड़ा फर्जीवाड़ा किया जा रहा। जिसके बाद माना गया कि जल्द ही अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गाज गिरेगी। इसके साथ ही 258 ऐसे आवेदक जो फर्जी थे, कार्रवाई की तैयारी करने जैसी बातें सामने आईं थीं। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम और बीडीओ से कार्रवाई करके 16 अक्टूबर तक रिपोर्ट सौंपने का आदेश भी दिया था। इस जांच का क्या हुआ पता नहीं चला। क्योंकि तत्कालीन जिलाधिकारी नेहा शर्मा का खुद ही तबादला हो गया।
गौरतलब है कि इस योजना की शुरूआत साल 2019 में की गई थी। योजना के तहत बालिका के जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक की शिक्षा के लिए छह किस्तों में 15 हजार रूपये दिये जाते हैं। जिसमें बालिका के जन्म लेने पर दो हजार, टीकाकरण के एक हजार रूपये, क्लास पांच में दाखिले पर दो हजार रूपये, छठवीं कक्षा में दाखिला लेने पर दो हजार, क्लास नौ में प्रवेश के लिए तीन हजार, दसवीं पास कर डिप्लोमा करने पर पांच हजार, बारहवीं के बाद स्नातक में प्रवेश पर पांच हजार रूपये दिये जाने का प्रावधान रखा गया था।
कन्या सुमंगला योजना (Kanya Sumangala Yojna) में आवेदन करने के लिए पैरेंटस को प्रोबेशन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इस वित्तीय वर्ष के अब तक 3511 आवेदन बीडीओ, एसडीएम, बीएसए और बीडीओ के पास वेटिंग लिस्ट में पड़े हैं। जिनका अभी सत्यापन तक नहीं हो सका है। बताया गया कि जब तक ब्लॉक स्तर पर इन आवेदन पत्रों की जांच नहीं होगी, तब तक किसी भी आवेदक को इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।
क्या है आवोदन की प्रक्रिया?
कन्या सुमंगला योजना के आवेदन की प्रक्रिया इसकी वेबसाइट mksyडॉटupडॉटgovernmentडॉटin पर जाकर पूरी करनी होती है। बेटी के जन्म लेने के छह महीनों के भीतर आवेदन करना होता है। इसका लाभ पाने के लिए बेटी का जन्म प्रमाण पत्र तथा परिवार की सालाना आय तीन लाख रूपये से कम हो। ब्लॉक या तहसील स्तर पर सत्यापन के बाद आवेदन पत्र महिला कल्याण विभाग भेजा जाता है। जिसके बाद खाते में समय-समय पर धनराशि जारी की जाती रहती है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी जयदीप सिंह इस कमी को मानते हुए बताते हैं कि, कन्या सुमंगला योजना (Kanya Sumangala Yojna) के लिए लंबित पड़े आवेदन पत्रों की जांच के लिए संबंधित अदिकारियों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन अभी तक सत्यापन नहीं किया गया। उनके द्वारा सत्यापन के बाद ही आवेदन पत्र हमारे डिपार्टमेंट में आयेंगे। तब जाकर पात्रों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
कहां कितने आवेदन अटके?
कन्या सुमंगला योजना के अटके आवेदनों की बात करें तो सबसे अदिक तहसील स्तर पर 2165 आवेदन अटके पड़े हैं। इसके बाद बीडीओ (BDO) स्तर पर 804 आवेदन लंबित हैं। इसी तरह बीईओ (BEO) स्तर पर 270 आवेदन, डीआईओएस (DIOS) स्तर पर 153 आवेदन तो बीएसए (BSA) स्तर पर 116 आवेदन अटके हैं।











