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आरोग्य सेतु ऐप से हो रहा विदेशी दवा कंपनियों का प्रचार : केमिस्ट एसोसिएशन का आरोप

Nirmal kant
19 May 2020 2:17 PM GMT
आरोग्य सेतु ऐप से हो रहा विदेशी दवा कंपनियों का प्रचार : केमिस्ट एसोसिएशन का आरोप
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आरोग्य सेतु से निजी जानकारी लीक होने के आरोप शुरू से ही लग रहे हैं। हरियाणा स्टेट केमिस्ट एसोसिएशन ने एप पर विदेशी दवा कंपनियों के प्रचार का आरोप लगा नये विवाद को खड़ा कर दिया है...

जनज्वार ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा स्टेट केमिस्ट एसोसिएशन ने आरोग्य सेतु पर विदेशी दवा कंपनियों के उत्पाद के प्रचार का आरोप लगा कर इस ऐप को एक बार फिर से विवादों में ला दिया है।

सोसिएशन के अध्यक्ष मनजीत शर्माHarya ने बताया कि इस ऐप से विदेशी दवा कंपनियां अपने उत्पाद का प्रचार कर रही है। विदेशी कम्पनियों के माध्यम से ऑनलाइन दवा व्यपार करने वाली कई कम्पनियों की ऐड /विज्ञापन इस ऐप पर देखे जा सकते हैं।

नजीत शर्मा ने बताया कि सरकार ने इस ऐप को मोबाइल में डाउन लोड करना जरूरी कर रखा है। ऐप पर पहले ही सवाल उठ रहे थे। विशेषज्ञों का भी कहना है कि ऐप से निजी जानकारी लीक होने का खतरा है।

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सोसिएशन के अध्यक्ष मनजीत शर्मा, राज्यमहासचिव अशोक सिंगला व राज्य प्रेस सचिव बृजेन्द्र मल्होत्रा ने बताया, '50 प्रतिशत से ज्यादा मोबाइल फोन में यह ऐप डाउन लोड है। क्योंकि सरकार ऐप को डाउन लोड करने के बारे में लगातार प्रचार कर रही है। कई जरूरी सेवाओं में ऐप को अनिवार्य कर दिया गया है।'

'इस तरह से यह देश की बड़ी आबादी के माबाइल फोन में इंस्टाल है। अब यदि कोई भी कंपनी इस ऐप पर प्रचार करती है तो वह एक झटके में अपनी बहुत से लोगों के सामने रख सकती है। इसका मुकाबला दवा विक्रेता और देशी कंपनियां कैसे कर सकती है। इस तरह से तो वह बैठे बिठाये ही आउट ऑफ मार्केट हो जायेंगी।'

बृजेन्द्र मल्होत्रा ने बताया कि एक ओर तो सरकार स्वदेशी अपनाओ की बात कर रही है। हर किसी को देशी उत्पाद अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। दूसरी ओर सरकारी ऐप से विदेशी दवा कंपनियों को प्रचार हो रहा है? आखिर केंद्र सरकार का एजेंडा है क्या? उन्होंने बताया कि एसोसिएशन की ऑल इंडिया मीटिंग में भी यह मामला उठाया गया था।

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सके बाद ही उन्होंने तय किया कि इस बाबत केंद्र सरकार को पहले एक पत्र लिख कर इस बारे में जानकारी दी जाये। इसके बाद भी यदि उनकी मांग की ओर ध्यान नहीं दिया जाता तो आगे क्या कदम उठाने है,इस पर विचार किया जायेगा। क्योंकि इस मसले पर यदि चुप रह गये तो अपने देश का दवा उद्योग तो ठप हो ही जायेगा, दवा भी आम आदमी क पहुंच से दूर हो सकती है।

न्होंने बताया कि आज ही सभी राज्यों की एसोसिएशन ने इसके विरोध में ई मेल से प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी, डॉ. हर्ष वर्धन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री , मनसुख लाल मण्डावीया केंद्रीय राज्य स्वास्थ्य मंत्री , अमिताभ कांत , प्रीति सूदन को पत्र लिख कर आरोग्य सेतु से विदेशी दवा कंपनियों के प्रचार का विज्ञापन तुरंत प्रभाव से बंद करने की मांग की है।

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