प्रशांत किशोर बोले लोकतंत्र बचाने के लिए बंगाल का चुनाव बेहद अहम, अपनी रणनीति का किया खुलासा

प्रशांत किशोर ने 21 दिसंबर को किए एक ट्वीट के बारे में भी याद दिलाया। तब उन्होंने दावा किया था कि बंगाल में भाजपा दहाई के आंकड़े से आगे नहीं बढ़ पाएगी। प्रशांत किशोर ने शनिवार को कहा कि 2 मई को नतीजे आने के बाद आप मेरे पिछले ट्वीट पर बात कर सकते हैं।

Update: 2021-02-27 06:41 GMT

जनज्वार ब्यूरो। पश्चिम बंगाल चुनाव (West Bengal Assembly Election 2021) की रणभेरी बज चुकी है। ऐसे में सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत बंगाल में झोंकनी शुरू कर दी है। इस बीच चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने शनिवार की सुबह सोशल मीडिया पर अपनी रणनीति का खुलासा किया है। प्रशांत किशोर ने लिखा कि देश में लोकतंत्र बचाने के लिए बंगाल का चुनाव बेहद अहम है। बता दें कि प्रशांत किशोर पहले ममता बनर्जी के लिए काम कर चुके हैं।

उन्होंने चुनाव अभियान के लिए टीएमसी के स्लोगन का फोटो भी शेयर किया। इसमें बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की फोटो के साथ एक नारा लिखा है- बंगला निजेर मेय की चे यानी बंगाल को केवल उसकी अपनी बेटी पर भरोसा है।

प्रशांत किशोर ने 21 दिसंबर को किए एक ट्वीट के बारे में भी याद दिलाया। तब उन्होंने दावा किया था कि बंगाल में भाजपा दहाई के आंकड़े से आगे नहीं बढ़ पाएगी। प्रशांत किशोर ने शनिवार को कहा कि 2 मई को नतीजे आने के बाद आप मेरे पिछले ट्वीट पर बात कर सकते हैं।

प्रशांत किशोर ने पहले ममता बनर्जी के लिए चुनाव अभियान का जिम्मा संभाला था। हालांकि इसके बाद से टीएमसी छोड़ने वाले नेताओं ने बार-बार प्रशांत किशोर के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए थे। ज्यादातर ने भाजपा में शामिल होने के बाद कहा कि TMC में प्रशांत किशोर ने पूरी बागडोर संभाल ली है।

ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी पर किशोर का इतना प्रभाव है कि पार्टी में पुराने नेताओं की सुनी नहीं जा रही। हाल में राज्यसभा में TMC छोड़ने का ऐलान करने वाले दिनेश त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर के लोग उनके ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते थे। त्रिवेदी ने कहा- मेरे ट्विटर हैंडल से प्रधानमंत्री और राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर बैठे लोगों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई।

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