Jharkhand News : अंधविश्वास का आधुनिक रूप, अस्पताल में भर्ती मरीज का वीडियो कॉलिंग से किया झाड़-फूंक

Jharkhand News : झारखंड के गढ़वा जिले के सदर अस्पताल में बीते बुधवार को वार्ड में भर्ती एक महिला मरीज का मोबाइल के जरिए वीडियो कॉलिंग पर झाड़-फूंक किया जा रहा था...

Update: 2022-09-22 10:14 GMT

Jharkhand News : अंधविश्वास का आधुनिक रूप, अस्पताल में भर्ती मरीज का वीडियो कालिंग से किया झाड़-फूंक

Jharkhand News : प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद झारखंड के गढ़वा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास चरम पर है। बीते दिनों झाड़-फूंक और ओझा गुनी आदि को लेकर हुई कई हिंसक घटनाओं के बावजूद लोगों में जागरूकता की कमी है। अभी भी किसी बीमारी के इलाज के लिए ओझा गुनी से झाड़-फूंक करवाना आवश्यक समझा जाता है। इसमें मरीज की जान तक चली जाती है। वहीं डायन बिसाही होने के आरोप में मारपीट और हत्याएं हो चुकी हैं लेकिन भूत प्रेत और ओझा गुनी को लेकर प्रशासन द्वारा चलाए गए जागरूकता कार्यक्रम कमजोर साबित हो रहे हैं।

अंधविश्वास का नया ट्रेंड

अब सबसे हैरानी की बात तो यह है कि प्रशासन की कढ़ाई को देखते हुए ओझा गुनी ने भी अपना तरीका बदल लिया है। अब अंधविश्वास का आधुनिक रूप देखने को मिल रहा है। ऐसे में कई ओझा गुनी अब आधुनिक युग के हिसाब से झाड़ फूंक कर रहे हैं। इनमें सबसे प्रचलित तरीका मोबाइल से झाड़-फूंक करने का भी है। दूर बैठे ही वीडियो कॉलिंग या ऑडियो कॉलिंग कर मरीज का झाड़ फूंक कर रहे हैं। इसके लिए तयशुदा फीस भी ली जाती है। प्रशासन की कार्रवाई का खतरा भी नहीं रहता है। झारखंड के गढ़वा जिले से ऐसा ही एक मामला सामने आया है।

बुखार होने पर महिला को अस्पताल में किया गया भर्ती

झारखंड के गढ़वा जिले के सदर अस्पताल में बीते बुधवार को कुछ ऐसा ही एक मामला सामने आया। जब वार्ड में भर्ती एक महिला मरीज का मोबाइल के जरिए झाड़-फूंक किया जा रहा था। रमना थाना क्षेत्र के भोगाडीह गांव के विकास पाल की पत्नी किरण देवी को बुखार आने के बाद बीते मंगलवार की शाम को गढ़वा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल में वीडियो कॉलिंग पर करवाया झाड़-फूंक

इस मामले में मरीज के परिजनों का कहना है कि अस्पताल के इलाज से कुछ कुछ सुधार हुआ है लेकिन बुखार पूरी तरह उतर नहीं रहा है।जिसके बाद उन लोगों ने एक तंत्र मंत्र करने वाले ओझा गुनी से संपर्क किया। प्रशासन के डर से ओझा गुनी अस्पताल में आने की हिम्मत नहीं कर पाया लेकिन मोबाइल के जरिए ही झाड़ फूंक कर किरण देवी को स्वस्थ कर देने का भरोसा उसने परिजन को दे दिया। मोबाइल पर उधर से ही झाड़-फूंक किया जा रहा था। ओझा गुनी द्वारा कुछ बोला जा रहा था जबकि किरण देवी के परिजन उसके कान में मोबाइल सटाकर ओझा द्वारा पढ़े जा रहे कथित मंत्र को सुना रहे थे। करीब आधे घंटे तक यह झाड़-फूंक का सिलसिला चलता रहा।

झाड़-फूंक के बाद मरीज को ले गए परिजन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस दौरान मरीज के बेड पर कई महिलाएं उसे घेर कर बैठी थी जबकि पुरुष सदस्य वार्ड में आने वालों को झाड़-फूंक के दौरान कुछ बोलने से चुप करा रहे थे। पूछे जाने के बावजूद मरीज के परिजनों ने ओझा गुनी का नाम व पता बताने से इंकार कर दिया। झाड़-फूंक हो जाने के बाद मरीज को लेकर स्वजन अस्पताल से बाहर भी चले गए।

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