अंधविश्वासी मां ने 2 दिन के बच्चे की काट दी छठी उंगली कि घर में न आए कोई संकट, हुई मौत

मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में यह अंधविश्वास है कि छठी उंगली अशुभ होगी है इसी वजह से महिला ने अपने नवजात की छठी उंगली काट दी जिससे इन्फेक्शन की वजह से बच्ची की मौत हो गई...

Update: 2020-08-26 17:56 GMT

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जनज्वार। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में एक मां के अंधविश्वास नपे उसके मासूम नहीं ले ली। खंडवा के खालवा ब्लाॅक के सुंदरदेव गांव में रामदेव की पत्नी ने शनिवार की रात एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के हाथ और पैर में छह-छह उंगलियां थीं। इसे देख महिला को यह अंधविश्वास हुआ कि इससे परिवार में कुछ अपशकुन होगा और उसने उसी अपशकुन की आशंका को खत्म करने के लिए बच्ची के हाथ-पैर की छठी उंगली काट दी।

ऐसा करने से मासूम बच्ची के शरीर में इन्फेक्शन फैल गया और अंगुलियां काटने के छह घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई। महिला के इस कृत्य से सभी लोग हैरत में पड़ गए।

दरअसल, मध्यप्रदेश के कुछ क्षेत्रों में आदिवासी समुदाय में यह अंधविश्वास है कि छठी उंगली होना अच्छा नहीं होता है और उससे परिवार में अपशकुन होता है। जिस परिवार में यह घटना घटी वह भी आदिवासी परिवार है।

छठी उंगली होने से मनुष्य को किसी तरह की न तो शारीरिक परेशानी होती है और यह किसी अपशकुन का भी कारण नहीं होता। हमलोग अक्सर समाज में किसी ने किसी के हाथ में छठी उंगली देखते हैं। सरकार व स्वयंसेवी संगठनों द्वारा अंधविश्वास को दूर करने के लिए तमाम प्रयास किए जाते हैं, लेकिन फिर भी लोग इससे अबतक मुक्त नहीं हो सके हैं।

महिला ने बच्ची की छठी उंगली काटने के लिए हशिये का प्रयोग किया था। उसने डिलेवरी की सूचना आशा कार्यकर्ता को भी नहीं दी। इस घटना की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दो दिन बाद मिली और कागजी खानापूर्ति कर मामले को रफा-दफा कर दिया गया।

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