Petrol Ke Dam, Petrol-Diesel Price Today: फिर से बढ़े डीजल के दाम, जल्द पूरा हो सकता है शतक
Petrol Ke Dam, Petrol-Diesel Price Today: सरकारी तेल कंपनियों की ओर से रविवार को फिर से डीजल के दाम बढ़ा दिए गए। डीजल के दामों में तेल कंपनियों द्वारा 25 से 27 पैसे तक की बढ़ोतरी हुई है, तो वहीं पेट्रोल के स्थिर दामों को लेकर भी फिर से संशय होने लगा है। आपको बताएं कि 24 सितंबर को डीजल की कीमतों में देशभर में 20 से 22 पैसे का इजाफा किया गया था।
Petrol-Petrol, Diesel Price Today: पेट्रोल डीजल के दामों में 10 दिनों में 9 बार हुई बढ़ोतरी, जानिए कितना महंगा हुआ ईंधन
Petrol Ke Dam, Petrol-Diesel Price Today: केवल एक दिन के राहत के बाद डीजल ने एक बार फिर आम जनता को अपने नए दाम से झटका दे दिया है। सरकारी तेल कंपनियों की ओर से रविवार को फिर से डीजल के दाम बढ़ा दिए गए। डीजल के दामों में तेल कंपनियों द्वारा 25 से 27 पैसे तक की बढ़ोतरी हुई है, तो वहीं पेट्रोल के स्थिर दामों को लेकर भी फिर से संशय होने लगा है। आपको बताएं कि 24 सितंबर को डीजल की कीमतों में देशभर में 20 से 22 पैसे का इजाफा किया गया था, वहीं इसके ठीक दो दिन बाद फिर से डीजल की कीमतें 25- 27 पैसे बढ़ा दी गई हैं। देश की तेल कंपनियों द्वारा 1 सितंबर और 5 सितंबर को पेट्रोल और डीजल के रेट में दो बार 15-15 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई थी।
डीजल के दामों में बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रति लीटर डीजल का दाम 89.07 रुपये हो गया है, वहीं पेट्रोल का दाम 101.19 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 107.26 रुपये और डीजल की कीमत 96.68 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल का दाम 101.62 रुपये जबकि डीजल का नया दाम 92.17 रुपये लीटर है। चेन्नई में भी पेट्रोल 98.96 रुपये लीटर है तो डीजल 93.69 रुपये लीटर है। मात्र एक हफ्ते में डीजल के दो बार कीमत बढ़ने से देश के ज्यादातर हिस्सों में इसके दाम 90 रुपये प्रति लीटर हो गये हैं। अगर इसी तरह डीजल के दाम बढ़ते रहे तो जल्द ही घरेलू बाजार में कीमत शतक को छू लेंगे।
जानिए कैसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमतें
भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां कीमतों की समीक्षा के बाद पेट्रोल और डीजल के रेट तय करती हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम हर रोज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए कीमतों की सूची जारी करती है। देश में 2010 से पहले भारत सरकार पेट्रोल की कीमतें निर्धारित करती थी। लेकिन वर्ष 2010 के बाद भारत सरकार ने पेट्रोल की कीमतों का निर्धारण तेल कंपनियों के ऊपर छोड़ दिया। इसी तरह डीजल के दाम भी सरकार तय करती थी लेकिन वर्ष 2014 से ये काम भी तेल कंपनियों करती हैं। पेट्रोलियम प्रोडक्ट की कीमत निर्धारित करने में भारत सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होता है। ये काम तेल मार्केटिंग कंपनियां करती हैं। ऑयल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमत, एक्सचेंज रेट, टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन का खर्च और बाकी कई चीजों को ध्यान में रखते हुए रोजाना सुबह पेट्रोल-डीजल की कीमतों की सूची जारी करती हैं।