बिहार में सुशील मोदी डिप्टी सीएम के रेस में निकले आगे, कामेश्वर चौपाल के नाम की भी चर्चा

बिहार में सबकी निगाह डिप्टी सीएम और स्पीकर पद पर टिकी है। यह कहा जा रहा है कि सुशील कुमार मोदी पर भाजपा एक बार फिर अपना भरोसा जता सकती है...

Update: 2020-11-15 05:21 GMT

File photo

जनज्वार। बिहार में एक बार फिर सुशील कुमार मोदी को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मजबूत संभावना है। रविवार को पटना में भाजपा विधायक दल की बैठक हो रही है, जिसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और प्रभारी देवेंद्र फडणवीस शामिल हो रहे हैं। इस बात की मजबूत संभावना है कि इस बैठक में सुशील कुमार मोदी को ही एक बार फिर भाजपा विधानमंडल दल का नेता चुना जाएगा। इससे उनके उपमुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।

बिहार-झारखंड न्यूज 18 ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि भाजपा विधानमंडल दल का नेता सुशील कुमार मोदी को ही चुना जाएगा। हालांकि पार्टी एक और वरिष्ठ नेता नंदकिशोर यादव ने इससे संबंधित सवाल को टाल दिया और कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है। यादव बिहार भाजपा के स्वयं प्रमुख चेहरे हैं। भाजपा के हिंदुत्ववादी व दलित चेहरे कामेश्वर चौपाल के नाम की भी उपमुख्यमंत्री पद के लिए चर्चा है, लेकिन अब उनकी संभावना कम नजर आ रही है। सुशील कुमार मोदी के पक्ष में एक बात यह भी है कि वे नीतीश कुमार के साथ उनकी ट्यूनिंग जबरदस्त है।

सुशील कुमार मोदी 15 सालों में अल्पकाल के लिए महागठबंधन सरकार व मांझी सरकार को छोड़ कर लगातार नीतीश कुमार की सरकार के डिप्टी सीएम रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने 74 सीटें हासिल की है और मुख्यमंत्री कोई हो लेकिन एक तरह से वह सरकार के अगुवा घटक दल की भूमिका में आ गई है। बावजूद इसके चुनावी वादे के अनुरूप भाजपा नेतृत्व ने जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया है।

भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद नीतीश कुमार के आवास पर दोपहर में एनडीए के चारों घटक दलों भाजपा, जदयू, वीआइपी व हम की बैठक होगी जिसमें एनडीए विधायक दल का नेता चुना जाएगा। यह लगभग तय है कि इसमें नीतीश कुमार मो नेता चुना जाएगा, जिससे वे सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

एक और अहम पद विधानसभा अध्यक्ष को लेकर कयास लगाया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष का पद अब तक जदयू के पास रहा है, लेकिन नए राजनीतिक हालात में अब यह चर्चा है कि इस बार स्पीकर का पद भाजपा अपने पास रखे क्योंकि उसके पास अधिक विधायक हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन बिहार का नया स्पीकर बनता है।

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