Delhi News : घरेलू कामगारों की मांगों को लेकर दक्षिणी दिल्ली में SGU ने किया सम्मलेन, इन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

Delhi News : संग्रामी घरेलू-कामगार यूनियन (SGU) ने 16 जून 2022 को अंतर्राष्ट्रीय घरेलू कामगार दिवस पर अपना पहला क्षेत्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक पूरा किया, घरेलू कामगारों के मुद्दों और मांगो पर चर्चा करते हुए अलग-अलग बस्तियों में विभिन्न आवासों पर एक महीने की क्षेत्रवार बैठकों के बाद यह सम्मेलन आयोजित किया गया था...

Update: 2022-06-18 06:58 GMT

Delhi News : घरेलु कामगारों की मांगों को लेकर दक्षिणी दिल्ली में SGU ने किया सम्मलेन, इन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा 

Delhi News : संग्रामी घरेलू-कामगार यूनियन (SGU) ने 16 जून 2022 को अंतर्राष्ट्रीय घरेलू कामगार दिवस पर अपना पहला क्षेत्रीय सम्मेलन, वसंत कुंज, नई दिल्ली में सफलतापूर्वक पूरा किया। घरेलू कामगारों के मुद्दों और मांगो पर चर्चा करते हुए अलग-अलग बस्तियों में विभिन्न आवासों पर एक महीने की क्षेत्रवार बैठकों के बाद यह सम्मेलन आयोजित किया गया था।


दिल्ली के वसंत कुंज के आसपास की विभिन्न बस्तियों के घरेलू कामगारों के सवैतनिक श्रम को 'काम' के रूप में मान्यता देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। सभा की मांगो में 'चोरी' जैसे आरोपों पर एकतरफा पुलिस उत्पीड़न को समाप्त करना, प्रति माह 4 दिन का सवैतनिक अवकाश, व्यापक रोजगार आधारित सामाजिक कल्याण और कामकाजी महिलाओं के लिए पेंशन और क्रेच योजनाओं पर सरकारी खर्च जैसे मांग शामिल थी। घरेलू कामगारों ने अपने-अपने क्षेत्रों से यूनियन बनाने, अब तक हासिल की गई जीत और आपस की एकता को और मजबूत बनाने की आवश्यकता के अनुभवों को भी इस सम्मेलन में रखा गया।


इस सम्मेलन में इंडियन फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन, इंडियन फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन-सर्वहारा, इंकलाबी मजदूर केंद्र, मजदूर सहयोग केंद्र, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, श्रमजीवी नारी मंच, वर्कर्स यूनिटी, के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। युवा सांस्कृतिक कलाकारों ने क्रांतिकारी गीतों के माध्यम से भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के अधूरे सपनों को लोगों के बीच रखा।


संग्रामी घरेलू-कामगार यूनियन (SGU) महिलाओं की मुक्ति के संघर्ष को उन सामाजिक मानदंडों से आगे ले जाने का संकल्प लिया गया जो उनके श्रम और घर के बाहर की उनकी दासता के नए तंत्र को कम करके आंकते हैं। SGU महिला मुक्ति के संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लेती है| सामाजिक मानदंडों से जो महिलाओं के श्रम को कम मानियता देती है और उभरते नए तंत्र से जो घर के बाहर भी उनके दासत्व को कायम कर रही है| शक्तिशाली रेजिडेंट्स एसोसिएशनों, पुलिस अधिकारियों और विधायकों की सांठगांठ के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया गया, जो घरेलू कामगारों की आवाज को दबाने के लिए मिलीभगत करते रहें हैं।

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