7 मिनट में मासूम को मौत के मुँह से खींच लाई महिला डॉक्टर, Viral Video बटोर रहा सुर्खियां

डाक्टर मेडम हमारे लिए भगवान हैं। उनकी वजह से मेरी बेटी की जान बच सकी और आज हमारे आंगन में खुशियां हैं। उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म के बाद प्रयास करतीं महिला चिकित्सक का उन्होंने तभी शुक्रिया किया था...

Update: 2022-03-15 10:05 GMT

(सात मिनट के भीतर डॉ. मौत के मुँह से निकाल लाई मासूम की जिंदगी)

Agra News : डाक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है। यह बात सिद्ध की है आगरा के एत्मादपुर सामुदायिक केंद्र में कार्यरत डॉ. सुरेखा ने। दरअसल, एत्मादपुर में प्रसव के बाद नवजात शिशु को मुंह से सांसें देकर महज सात मिनट (& Minutes) के भीतर ही महिला चिकित्सक डा. सुरेखा चौधरी (Surekha Chaudhary) मासूम को मौत के मुँह से खींच लाई। 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एत्मादपुर (Etmadpur) पर बुर्जगंगी निवासी खुशबू को 08 मार्च को प्रसव पीड़ा होने पर आशा सुशीला ने भर्ती कराया था। खुशबू ने बेटी को जन्म दिया लेकिन नवजात सांस नहीं ले पा रही थी। डा. सुरेखा चौधरी ने मशीन से आक्सिजन (Oxygen) देने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। फूल सी बेटी की सांसों की डोर टूटती, इससे पहले ही महिला चिकित्सक ने मुंह से सांस देना शुरू कर दिया।

स्टाफ द्वारा मोबाइल से बनाए गए वीडियो में डा. सुरेखा खून से लथपथ नवजात को मुंह से सांस देने और उसके सीने पर पंप कर दिखाई दे रही हैं। किलकारी मारते ही चिकित्सक की आंखों में जंग जीतने जैसी चमक थी वहीं प्रसूता की आंखों में खुशी के आंसू। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो देखने के बाद लोग महिला चिकित्सक की प्रशंसा कर रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक डा. संजीव वर्मा ने बताया कि खुशबू (Khusboo) का यह पहला प्रसव था। अब जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। हमारे लिए भगवान हैं डाक्टर मेडम।

चिकित्सक की नेकदिली की कायल खुशबू कहती हैं, डाक्टर मेडम हमारे लिए भगवान हैं। उनकी वजह से मेरी बेटी की जान बच सकी और आज हमारे आंगन में खुशियां हैं। उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म के बाद प्रयास करतीं महिला चिकित्सक का उन्होंने तभी शुक्रिया किया था। 

डा. सुरेखा का कहना है कि 22 वर्षीय खुशबू का पहला प्रसव था। जन्म के बाद बेटी की सांसें नहीं चल रही थीं। थोड़ी देर के प्रयास के बाद उसकी सांस लौट आई। बच्ची का वजन कम था लेकिन अब दोनों स्वस्थ हैं। वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों के फोन आ रहे हैं। मुझे बधाई दे रहे हैं। मैं भी एक मां हूं। महिला के जीवन में बच्चे की क्या महत्ता है, इसका भान है। पेशे से चिकित्सक होने के नाते यही मेरा कर्तव्य है।

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