Morbi Bridge Accident: मोरबी पुल हादसे पर आज सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, 135 लोगों की हुई मौत

Morbi Bridge Accident: गुजरात के मोरबी हादसे को लेकर सब कोई हैरान था और हर पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाई थी। वही गुजरात के मोरबी जिले में पुल हादसे की जांच के लिए न्यायिक आयोग के गठन की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा।;

Update: 2022-11-21 03:59 GMT
Morbi Bridge Accident: मोरबी पुल हादसे पर आज सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, 135 लोगों की हुई मौत
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Morbi Bridge Accident: गुजरात के मोरबी हादसे को लेकर सब कोई हैरान था और हर पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाई थी। वही गुजरात के मोरबी जिले में पुल हादसे की जांच के लिए न्यायिक आयोग के गठन की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा।

याचिका में कहा गया है कि यह दुर्घटना सरकारी अधिकारियों की लापरवाही और विफलता को दर्शाती है। पिछले एक दशक में देश में ऐसी कई दुर्घटनाएं हुई हैं जहां कुप्रबंधन, कर्तव्य में चूक और रखरखाव गतिविधियों में लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने के मामले सामने आए हैं

प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पार्डीवाला की पीठ अधिवक्ता विशाल तिवारी द्वारा दायर जनहित याचिका पर आज सुनवाई करेगी। मोरबी में 30 अक्टूबर की शाम पुल हादसे में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 135 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक घायल हो गए थे। याचिका में घटना की जांच के लिए शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग के गठन की मांग की गई है।

कुल 134 लोगों ने गंवाई जान

इस पर शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह इस मामले पर जल्द ही सुनवाई करेगी। गुजरात के मोरबी शहर में 30 अक्टूबर को मच्छु नदी पर ब्रिटिश काल का केबल पुल टूटने की घटना में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 134 व्यक्तियों की मौत हो गई थी। अधिवक्ता विशाल तिवारी ने अपनी याचिका में कहा, ''पिछले एक दशक से हमारे देश में कई घटनाएं हुई हैं, जिनमें कुप्रबंधन, ड्यूटी में चूक और रखरखाव की लापरवाही के कारण भारी जनहानि के मामले सामने आए हैं, जिन्हें टाला जा सकता था।''

गुजरात के मोरबी में हुए हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। पिछले 7 महीने से यह पुल मरम्मत के लिए बंद था। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक पुल की मरम्मत और देखभाल का काम एक प्राइवेट कंपनी को 15 साल की लीज पर दिया गया था। लेकिन इस कंपनी ने पुल को जनता के लिए खोलने से पहले कोई फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं लिया। गुजराती नव वर्ष दिवस (25 अक्टूबर) पर कंपनी के मालिक जयसुखभाई पटेल की पोती ने पुल का उद्घाटन किया था। शनिवार को जयसुखभाई पटेल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा किया था कि मरम्मत के बाद यह पुल अब इतना मजबूत हो गया है कि इसे कोई भी अगले 8 से 10 वर्षों तक हिला नहीं सकता । 

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