बागियों पर सोनिया गांधी का हमला, पार्टी नेताओं को पढ़ाया एकता और अनुशासन का पाठ, किया आगाह

कांग्रेस में अनुशासन और एकता की जरूरत पर बल देने की जरूरत है। पार्टी नेताओं को निजी आकांक्षाओं को दरकिनार कर सामूहिक हित पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

Update: 2021-10-26 11:17 GMT

सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं से निजी महत्वाकांक्षाओं को दरकिनार करने की अपील की।  

नई दिल्ली। कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और राज्य इकाइयों के अध्यक्षों की बैठक में एक बार फिर पार्टी नेताओं को नसीहत दी है। उन्होंने नेताओं को अनुशासन और एकता का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि नीतिगत मुद्दों पर पार्टी के राज्य स्तर के नेताओं के बीच स्पष्टता और एकजुटता की कमी है। दलित और वंचित वर्गों के लिए लड़ने के प्रयासों को तेज करने जोर देते हुए कहा कि इसे जमीनी धरातल पर उतारने के लिए अपने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को और ज्यादा प्रतिनिधिक बनाना होगा।

निजी महत्वाकांक्षा को न बनने दें राह में रोड़ा

पार्टी नेताओं को निजी महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने का सुझाव देते हुए अगले साल पांच राज्यों में चुनावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता इसके लिए कमर कस रहे हैं। हमारा अभियान समाज के सभी वर्गों के साथ व्यापक चर्चा से निकली ठोस नीतियों और कार्यक्रमों पर आधारित होना चाहिए।

बीजेपी और संघ के खिलाफ लड़नी होगी लड़ाई

सोनिया गांधी ने बैठक में कहा कि कांग्रेस को सत्तारूढ़ बीजेपी और उसके वैचारिक प्रमुख आरएसएस पटखनी देने को लेकर भी रणनीति बनाई है। सोनिया ने कहा कि हमें वैचारिक रूप से बीजेपी और आरएसएस के नफरत फैलाने वाले अभियानों से लड़ाई लड़नी होगी। इसी के साथ इस लड़ाई को जीतने के लिए तो हमें दृढ़ विश्वास के साथ लोगों के सामने जाकर उनके झूठ का पर्दाफाश करना चाहिए।

इसे अलावा उन्होंने कहा कि पार्टी के अगले अध्यक्ष के चुनाव के लिए आंतरिक चुनाव अगले साल 21 अगस्त से 30 सितंबर के बीच होने हैं। आगामी एक नवंबर से कांग्रेस सदस्यता अभियान चलाएगी, जो अगले साल 31 मार्च तक चलेगा। इसके साथ ही फैसला हुआ था कि 14 से 29 नवंबर के बीच महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा।

राहुल ने बताया सच्चे कांग्रेसी होने का मतलब

वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी ट्विट कर बताया है कि सच्चे कांग्रेस एक-दूसरे के कमजोरी नहीं बल्कि ताकत हैं। जी—23 नेताओं के लिए उनका ये ट्विट साफ संकेत देने वाला है कि पार्टी के खिलाफ कि भी गतिविधि को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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