किसानों की जमीन लूट के सबसे बड़े माफिया लेखपाल, देवरिया का भ्रष्ट लेखपाल अशोक पांडे रंगेहाथों घूस लेते पकड़े जाने के बाद हुआ निलंबित

लेखपालों द्वारा किसी की जमीन पैमाइश के लिए 5000, आय प्रमाण पत्र के लिए 500, हैसियत प्रमाण पत्र के लिए हैसियत के हिसाब से परसेंटेज लगाते हुए रकम ऐंठी जाती हैं, लेकिन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है....

Update: 2022-08-31 12:43 GMT

Deoria News In Hindi: देवरिया में घूस लेते लेखपाल रंगे हाथ गिरफ्तार, गोरखपुर की एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई

Deoria news : उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा भले ही कोरे कागज में अनुशासन एवं न्याय के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों और मजदूरों को ठगने का उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य कर्मचारियों द्वारा लगातार किया जा रहा है और विभाग के संबंधित अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।

ऐसा ही एक मामला देवरिया जनपद में सामने आया, जहां लेखपाल को रंगेहाथों घूस लेते हुए गिरफ्तार किया गया और अब कार्रवाई के तहत उसे निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक पीड़ित शत्रुघ्न कुशवाहा ने वर्तमान लेखपाल व प्रभारी कानूनगो देवरिया शहर के मुंसफ कालोनी वार्ड नंबर दो के रहने वाले अशोक पांडेय से पत्थर गाड़ने के लिए अनुरोध किया था, जिसकी एवज में लेखपाल ने पांच हजार रुपये घूस की मांग की। शत्रुघ्न ने बेरोजगार होने का हवाला दिया, लेकिन लेखपाल पैमाइश के लिए तैनात नहीं हुए। गेहूं बेचकर शत्रुघ्न ने पांच हजार रुपये का इंतजाम किया और इसकी शिकायत एंटी करप्शन कार्यालय गोरखपुर में की, जिसके बाद योजनाबद्ध तरीके से आरोपी लेखपाल को पकड़ा गया।

देवरिया जनपद के बरहज तहसील में हर लेखपाल के पास दो दो मुंशी काम करते हैं और आरोप लगते हैं कि उन्हीं के माध्यम से जनता को ठगने का काम किया जाता है। आरोप यह भी है कि पैमाइश के लिए 5000, आय प्रमाण पत्र के लिए 500, हैसियत प्रमाण पत्र के लिए हैसियत के हिसाब से परसेंटेज लगाते हुए रकम ऐंठी जाती हैं, लेकिन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।

कैसे होती है ग्रामीण अंचल के लोगों से वसूली

ग्रामीण स्तर पर ग्राम प्रधान एवं लेखपाल की एक गोपनीय मीटिंग गांव में की जाती है, जिसमें प्रधान के द्वारा लोगों को आवास देने एवं शहरी योजना से जोड़ने की बात की जाती है, जिसमें लेखपाल जी हजूरी भरते रहते हैं और धीरे धीरे गांव के लोगों से सरकारी जमीन पर पट्टा करने पेंशन का लाभ देने के लिए मोटी रकम ली जाती है। इसका जीता जागता उदाहरण लेखपाल अशोक पांडे है, जिसको पैमाइश के नाम पर पैसा लेते हुए एंटी करप्शन ने मंगलवार 30 अगस्त को दिन में गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक शत्रुघ्न कुशवाहा ने वर्तमान लेखपाल व प्रभारी कानूनगो देवरिया शहर के मुंसफ कालोनी वार्ड नंबर दो के रहने वाले अशोक पांडेय से पत्थर गाड़ने के लिए अनुरोध किया था, जिसकी एवज में लेखपाल ने पांच हजार रुपये घूस की मांग की। शत्रुघ्न ने बेरोजगार होने का हवाला दिया, लेकिन लेखपाल पैमाइश के लिए तैनात नहीं हुए। गेहूं बेचकर शत्रुघ्न ने पांच हजार रुपये का इंतजाम किया और इसकी शिकायत एंटी करप्शन कार्यालय गोरखपुर में की।

Deoria News In Hindi: देवरिया में घूस लेते लेखपाल रंगे हाथ गिरफ्तार, गोरखपुर की एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई

ऐसे जाल में फंसा लेखपाल

प्रभारी निरीक्षक उदय प्रताप सिंह के नेतृत्व में निरीक्षक संतोष कुमार दीक्षित, शिव मनोहर यादव, चंद्रभान मिश्र, नीरज सिंह, दिलीप कुमार, विजय, शैलेंद्र सिंह की टीम गठित हुई। टीम ने डीएम से मुलाकात कर दो लोकसेवकों की मांग की। पीडब्ल्यूडी विभाग के दो अभियंताओं के साथ टीम बरहज तहसील पहुंची। टीम ने अपना जाल बिछाया। शिकायतकर्ता ने रुपये देने के लिए लेखपाल को तहसील गेट पर बुलाया। जैसे ही लेखपाल ने घूस की रकम ली, टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम उसे लेकर सदर कोतवाली में पहुंची। उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

इस मामले में देवरिया डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि लेखपाल व प्रभारी राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस प्रकरण में तहसीलदार बरहज को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है जो 15 दिन के भीतर मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपेंगे।

इस संबंध में हल्का लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक अशोक पांडे का पक्ष जानने के लिए उनके परिजनों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन परिजनों द्वारा फोन नहीं उठायागया।

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