अमेरिका में कोरोना से मौतों का आंकड़ा पहुंचा 80 हजार के पार, अब तक 13 लाख से ज्यादा पॉजिटिव मरीज आये सामने

Update: 2020-05-12 17:54 GMT

कोरोना को रोकने में बुरी तरह नाकाम रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चेहरे पर भी अब डर साफ नजर आने लगा है। ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोना ने अब व्हाइट हाउस में भी दस्तक दे दी है....

जनज्वार। विश्वभर में कोरोना की भयावहता चरम पर है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में अमेरिका पहले नंबर पर बना हुआ है। अमेरिका में कोरोना से मौत का आंकड़ा 80 हजार के पार पहुंच चुका है और 13 लाख से अधिक लोग यहां कोरोना से संक्रमित हैं।

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक, अमेरिका में पिछले 24 घंटे में तकरीबन 800 लोगों की मौत हुई है।

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मेरिका में कोरोना वायरस जिस तरह फैल रहा है, उस पर लगाम लगाना बहुत मुश्किल लग रहा है। कोरोना को रोकने में बुरी तरह नाकाम रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चेहरे पर भी अब डर साफ नजर आने लगा है। ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोना ने अब व्हाइट हाउस में भी दस्तक दे दी है। अमेरिका की सबसे सुरक्षित जगह माने जाने वाले व्हाइट हाउस में अब तक कोरोना के दो केस सामने आ चुके हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वेलेट और उपराष्ट्रपति माइक पेंस की प्रेस सचिव कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। यानी ट्रंप और पेंस को ज्यादा सुरक्षा बरतने की जरुरत है? हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी भी फेस कवर लगाने से गुरेज कर रहे हैं। यह 73 साल के ट्रंप के लिए बहुत खतरनाक माना जा रहा है, क्योंकि बुजुर्ग कोरोना से सबसे ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं और मरने वालों में भी सबसे ज्यादा संख्या बुजुर्गों की ही है।

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि हम इस भयानक दुश्मन को हरा देंगे। हम अपनी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करेंगे और महानता में परिवर्तन करेंगे। हम तीसरी तिमाही में जा रहे हैं और हम अच्छा करने जा रहे हैं। चौथी तिमाही में हम बहुत अच्छा करेंगे और अगले साल मुझे लगता है कि हमारे पास एक सबसे अच्छा साल है।

गौरतलब है कि पूरी दुनिया में अब तक कोरोना मरीजों का आंकड़ा 41 लाख को पार कर गया है। अब तक तकरीबन 42 लाख कोरोना के केस सामने आ चुके हैं, जिनमें से लगभग 3 लाख की मौत भी हो चुकी है। हालांकि लगभग 15 लाख लोग ठीक होकर अपने घरों को भी लौट चुके हैं।

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हां तक कोरोना वायरस से हुए आर्थिक नुकसान का जायजा लें तो इसने व्यापक तबाही मचायी है। खासकर मजदूर वर्ग की तो इसने कमर तोड़कर रख दी है। कहा जाने लगा है कि लोग कोरोना से बाद में मरेंगे, पहले भूख उन्हें मार डालेगी। कम से कम भारत में तो प्रवासी मजदूरों की हालत देखकर यह बात पक्के तौर पर कही जा सकती है।

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