लॉकडाउन में बरेली में फंसा था लखनऊ का रोडवेजकर्मी, परेशान होकर कर ली खुदकुशी

Update: 2020-04-10 08:54 GMT

रोडवेज कर्मचारी अनुराग दीप गुप्ता ने जनता कर्फ्यू के दिन से ही बरेली में फंसे हुए थे। लॉकडाउन की वजह से एक टाइम का ही खाना खा रहे थे। परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली.....

जनज्वार। कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए इस समय देशव्यापी लॉकडाउन जारी है। पीएम मोदी की ओर से घोषित किए गए तीन सप्ताह के इस लॉकडाउन का आज लॉकडाउन का 17वां दिन है। हालांकि देशभर में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं इस लॉकडाउन से आम लोगों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

रअसल बरेली में फंसे लखनऊ के एक रोडवेज कर्मचारी अनुराग दीप गुप्ता ने इससे परेशान होकर आत्महत्या कर ली। अनुराग दीप गुप्ता बरेली में जनता कर्फ्यू के दिन से ही फंस गए थे। करीब 16 दिन की कोशिश के बाद भी जब वह घर नहीं लौट सके तो हताश होकर उन्होंने गेस्ट हाउस में आत्महत्या कर ली।

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बरों के मुताबिक 29 वर्षीय अनुराग बरेली के क्लासिक गेस्ट हाउस में रुके थे। 18 मार्च को काम के सिलसिले में बरेली पहुंचे थे। गेस्ट हाउस मैनेजर मोहम्मद नदीम के मुताबिक, अनुराग ने बताया था कि वह बसों में टिकट चेकिंग का काम करते हैं। 22 को जनता कर्फ्यू लग गया। 23 को यूपी में लॉकडाउन हो गया जिससे वह बरेली में ही फंस गए थे।

Full View ने कई बार पुलिस और विभागीय अफसरों से लखनऊ लौटने के लिए परमिशन देने का आग्रह किया, लेकिन वायरस के खतरे का हवाला देकर इजाजत नहीं मिली। लखनऊ लौटने की नाकामी से वह चुपचाप रहने लगे थे। बुधवार 8 मार्च की सुबह फांसी लगाने की जानकारी गेस्ट हाउस स्टाफ को तब हुई जब खाने के लिए ऑर्डर लेने के लिए कमरे में एक कर्मचारी गया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला।

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स घटना को लेकर पुलिस अधिकारी गजेंद्र सिंह ने कहा, 'अनुराग तनाव में थे। उन्होंने मरने से पहले अपने मोबाइल का डेटा डिलीट कर दिया था।' गेस्ट हाउस मैनेजर नदीम के मुताबिक, 'कई बार आग्रह के बाद भी अनुराग एक वक्त ही खाना खा रहे थे और परेशान रहते थे।'

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