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कोरोना संकट : IIT कानपुर ने तैयार किया 100 रुपये से भी कम कीमत का पीपीई किट

Nirmal kant
10 April 2020 1:30 AM GMT
कोरोना संकट : IIT कानपुर ने तैयार किया 100 रुपये से भी कम कीमत का पीपीई किट
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आईआईटी कानपुर के बीएसबीई डिपार्टमेंट के डॉक्टर नितिन गुप्ता कहते हैं कि सामान्य तौर पर मिलने वाली पीपीई किट मंहगी भी है और इसका मिलना भी मुश्किल हो रहा है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए हमने कम कीमत वाली किट तैयार की है...

कानपुर से मनीष दुबे की रिपोर्ट

जनज्वार ब्यूरो। इन दिनों भारत सहित दुनिया में कोरोना वायरस यानी COVID-19 के विस्तार से उच्च जोखिम वाले वातावरण में आवश्यक सेवाओं में काम करने वाले नर्सों व डॉक्टरों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण पीपीई की भारी मांग हुई है। लेकिन वहीं मानक पीपीई किट की उपलब्धता भी एक समस्या बनी हुई है। ऐसे समय में कम लागत और बड़े पैमाने पर उत्पादित विकल्पों की आवश्यकता होती है जो पूरे शरीर के लिए सुरक्षा प्रदान करे।

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ईआईटी कानपुर के शोधकर्ताओं और उद्योग भागीदारों की एक टीम ने पॉलीइथाइलीन (पॉलिथीन) के पतले बेलनाकार रोल और पाइपों पर आधारित पाइप्स किट को डिजाइन किया, जो गैर-छिद्रपूर्ण है और आमतौर पर पैकेजिंग और प्लास्टिक-बैग बनाने के लिए विभिन्न उद्योगों में उपयोग किया जाता है।

किट का डिजाइन और उत्पादन प्रक्रिया ओपन-सोर्स है, जिससे कि कहीं भी एक छोटा तथा मध्यम स्तर का कारखाना उन्हें कुछ दिनों के भीतर बड़ी मात्रा में निर्माण करना शुरू कर सकता है। इसमें खास बात यह है कि इन किटों का उत्पादन 100 रुपये से भी कम के मूल्य पर किया जा सकता है।

ईआईटी कानपुर के बीएसबीई डिपार्टमेंट के डॉक्टर नितिन गुप्ता कहते हैं कि हमारे मेडिकल स्टॉफ, पुलिसकर्मी, सफाई कर्मचारी आदि तमाम लोग इस रिस्की वातावरण में काम कर रहे हैं। उनके लिए इस पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट किट (PPE) की बहुत अधिक आवश्यक्ता है। सामान्य तौर पर मिलने वाली किट मंहगी भी है और इसका मिलना भी मुश्किल हो रहा है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए हमने कम कीमत वाली किट तैयार की है। यह किट देखने मे भले ही सामान्य हो पर सुरक्षा के प्रत्येक मानक को पूरा करती है।

डॉक्टर नितिन गुप्ता आगे कहते हैं कि हमने इस कीट का नाम पाइप्स रखा है। यह किट सिलेंडर में दबे हुए प्लास्टिक या फिर बैग इत्यादि की पैकिंग वगैरा के काम आने वाली प्लास्टिक से बनी है। जो किसी भी जैविक आघात को रोक पाने में सक्षम है, तथा इसे अधिक मात्रा में बनाया जा सकता है।

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नितिन गुप्ता बताते हैं कि हमने आमतौर पर किट की उपयोगिता को जानने के लिए कई घंटों तक इसे बिना एयरकंडीशन वाले कमरे में पहनकर देखा इसके अलावा डॉक्टरों का फीडबैक भी लिया है। साथ ही आईआईटी ने देश के तमाम व्यापारिक समूहों से इसके निर्माण हेतू पाइप्स किट नाम से वेब पेज लॉन्च कर डिटेल दी है। जिससे फ्री में इसके निर्माण संबंधी तमाम जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं।

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