यूपी के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी के खिलाफ केस दर्ज, CAA के खिलाफ निकाला था कैंडल मार्च

Update: 2020-02-04 13:18 GMT

तीन राज्यों के राज्यपाल रह चुके अजीज कुरैशी के खिलाफ केस दर्ज, रविवार 2 जनवरी को सीएए-एनआरसी के खिलाफ निकाला था कैंडल मार्च, पुलिस ने धारा 144 के तहत दर्ज किया था मामला.....

जनज्वार। नागरिकता संशोधन अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के खिलाफ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कैंडल मार्च निकाल रहे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। 78 वर्षीय कुरैशी और आठ अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। कुरैशी मिजोरम के भी राज्यपाल रह चुके हैं।

गोमती नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक, कुरैशी 2 फरवरी को लगभग 7-8 बजे गोमती रिवर फ्रंट के पास 30-40 व्यक्तियों के कैंडल मार्च का नेतृत्व कर रहे थे। पुलिस ने कहा कि उनके पास मार्च निकालने की कोई लिखित अनुमति नहीं थी।

Full View ने कहा कि मार्च में भाग लेने वालों ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ पोस्टर प्रदर्शित कर विरोध प्रदर्शन किया। मना करने पर सभी नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद पुलिस ने बलपूर्वक उन्हें काबू किया और फिर एफआईआर दर्ज की। एफआईआर में प्रियंका मिश्रा नाम की एक महिला और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

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सी दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले चार दिनों में राज्य के 13 जिलों से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के 108 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि यह लोग नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में हिंसा फैलाने में शामिल थे। इस संगठन के 25 लोग दिसंबर में गिरफ्तार किए गए थे।

Full View यूपी में 19, 20 और 21 दिसंबर को सीएए और राष्ट्रीय नागरिक पंजी के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में हिंसा हो गई थी। पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की कई घटनाएं हुईं और इसमें 23 लोगों की जान चली गई थी। पुलिस का दावा है कि इसके पीछे केरल के संगठन पीएफआई का हाथ है।

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