यूपी के पूर्व आईजी ने लगाया आरोप, भाजपा ने चंदे के लिए लगाया माफिया दाऊद की कम्पनी में बिजली कर्मचारियों के EPF का 42 अरब रुपया

Update: 2019-11-24 11:03 GMT

उत्तर प्रदेश के पूर्व आईजी एसआर दारापुरी ने आरोप लगाया है कि चंदे के लिए आरएसएस-भाजपा की सरकार ने माफिया दाऊद की दिवालिया कम्पनी डीएचएफएल में पीएफ का लगाया है अरबों रुपया इसीलिए घोषणा के बावजूद अभी तक मुख्यमंत्री योगी ने सीबीआई जांच के लिए नहीं किया आदेश जारी...

जनज्वार। उत्तर प्रदेश के पूर्व आईजी एसआर दारापुरी ने कहा है कि जिस माफिया डान दाऊद को आरएसएस-भाजपा पानी पी-पीकर वाले कोसते रहे हैं, उसी की कम्पनी डीएचएफएल में बिजली कर्मचारियों की जिंदगी भर की कमाई का भविष्य निधि का 42 अरब रुपया योगी की भाजपा सरकार द्वारा लगाया गया।

न्होंने कहा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2 नवम्बर को प्रदेश के बिजली कर्मचारियों के पीएफ में हुए घोटाले की सीबीआई जांच कराने की घोषणा करते हैं, लेकिन आज तक इस सम्बंध में आदेश जारी नहीं किया गया। दरअसल पार्टी के चंदे के लिए आरएसएस-भाजपा की सरकार ने माफिया की दिवालिया कम्पनी डीएचएफएल में पीएफ का अरबों रुपया लगाया और यही वजह है कि घोषणा के बावजूद अभी तक मुख्यमंत्री योगी जी ने सीबीआई जांच के लिए आदेश जारी नहीं किया है।

पूर्व आईजी और आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता एसआर दारापुरी ने यह बात प्रेस को जारी एक बयान में ही है। उन्होंने कहा है कि देश की सार्वजनिक व प्राकृतिक सम्पदा और आमजन की गाढ़ी कमाई को कारपोरेट-माफिया-सरकार के गठबंधन द्वारा लूटा/लुटाया जा रहा है। कोयला, रेलवे, बैंक, बीमा, बीएसएनएल सब कुछ को बेचकर देश चलाने की मोदी नीति देश को बर्बाद कर देगी।

पीएफ का पैसा शेयर बाजार में लगाने की अनुमति मनमोहन सरकार ने दी थी, जिसके आधार पर अखिलेश सरकार ने सत्ता से जाते-जाते नियम विरूद्ध कर्मचारियों के पीएफ का पैसा डीएचएफएल कम्पनी में लगाने का निर्णय लिया। इसके बाद बनी योगी जी की सरकार और उनके ऊर्जा मंत्री ने तो इसमें पीएफ के अरबों रूपए लगा भी दिए जो आज डूबने के कगार पर हैं। इसलिए ऊर्जा मंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।

दारापुरी ने आगे कहा है कि अब जब रिजर्व बैंक ने इस कम्पनी को दिवालिया घोषित करते हुए इसके आहरण वितरण पर रोक लगा दी और कर्मचारियों की जीवन भर की कमाई पर गम्भीर संकट आ गया है, तब ऐसे संकट के समय यह दुखद है कि योगी सरकार द्वारा कर्मचारियों को उनके पीएफ की सुरक्षा की काउंटर गारंटी देने की जगह उन पर रासुका और एस्मा लगाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि यदि सरकार कर्मचारियों का दमन करेगी तो इसका प्रदेश की लोकतांत्रिक ताकतों द्वारा चौतरफा प्रतिवाद किया जायेगा।

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