मोदी के मंत्री ने किया 8 गौ आतंकियों का जमानत मिलने पर फूल माला से स्वागत

Update: 2018-07-06 12:03 GMT

यशवंत सिन्हा के बेटे और मोदी के मंत्री जयंत सिन्हा ने जिस तरह से झारखंड के गौ आतंकियों की जमानत पर जिस तरह का स्वागत किया है उससे साफ है कि भाजपा न सिर्फ पार्टी के तौर पर बल्कि सरकार के तौर पर भी आतंकवाद को खुले तौर पर संरक्षण दे रही है

रांची, जनज्वार। नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री और झारखंड की हजारीबाग सीट से भारतीय जनता पार्टी की ओर से सांसद जयंत सिंहा का गौ आतंकियों को खुलेआम संरक्षण है और इसकी झलक ही नहीं पूरी फिल्म ही सामने आ गई है।

2017 के चर्चित रामगढ़ लिंचिंग केस में सजायाफ्ता 8 आरोपी जब जमानत पर हजारीबाग की जयप्रकाश नारायण सेंट्रल जेल से बाहर आए तो नागरिक मोदी के मंत्री जयंत सिन्हा ने फूलमालाओं और मिठाइयों से उनका भव्य स्वागत किया। साथ ही आश्वस्त किया कि वे उनकी लड़ाई में उनके साथ हैं।

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गौरतलब है कि 29 जून 2017 को रामगढ़ में एक मुस्लिम कारोबारी अलीमुद्दीन ऊर्फ असगर अली की गाड़ी में प्रतिबंधित मांस होने की आशंका पर भीड़ ने घेर लिया और उसे इतना मारा कि मुस्लिम कारोबारी की जान चली गई। 55 वर्षीय कारोबारी अलीमुद्दीन की मौत के बाद काफी हंगामा मचा था और उसकी जान लेने वाला वीडियो मीडिया में वायरल होने के बाद अदालत ने 11 लोगों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मुस्लिम कारोबारी को मारने वालों में भाजपा और संघ समेत उसके आनुषांगिक संगठनों की संलिप्तता उजागर हुई थी।

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पुलिस ने अपनी जांच में माना था कि गौ-रक्षकों के एक दल ने अलीमुद्दीन का 15 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद बाजाटांड़ इलाके में भीड़ देखकर उसके द्वारा गौमांस ढोए जाने का हल्ला मचाकर उस पर वार किया। इसके बाद भीड़ में शामिल लोगों ने सरेआम पीट-पीटकर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। लोगों ने उसकी गाड़ी भी फूंक दी थी

संसद में मामला उठने के बाद इस मामले में गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए अलीमुद्दीन को मार रहे वीडियो से आरोपियों की पहचान कर सजा मुकर्रर की थी।

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आरोपियों में भाजपा की रामगढ़ ज़िला इकाई के मीडिया प्रभारी नित्यानंद महतो भी शामिल रहे। जांच में सामने आया कि उसके अलावा अन्य 10 अभियुक्त गौ रक्षा समिति से जुड़े हुए थे।

आरोपियों में संसद में भी मामला उठा था। इसके बाद झारखंड सरकार ने मामले की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक का गठन किया। इस माले में सितंबर 2017 में पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया था और 11 लोगों को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने वीडियो के आधार पर दोषी करार दिया था। 21 मार्च 2018 को सभी 11 दोषियों को अलीमुद्दीन की हत्या के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, मगर अब वीडियो पर ही सवाल उठाते हुए 29 जून 2018 को आठ गौ आतंकियों को जमानत दी जा चुकी है।

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इस मामले में मोदी के मंत्री जयंत सिन्हा द्वारा आरोपियों का फूलमालाओं और मिठाइयों द्वारा किया गया स्वागत यह दिखाता है कि भाजपा के राज में गौ आतंकियों के लिए सात खून माफ हैं। तभी तो जयंत सिन्हा ने स्वागत करने के साथ—साथ गौ आतंकियों को आश्वस्त किया कि वे उनकी लड़ाई लड़ेंगे।

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जयंत सिन्हा के गौ आतंकियों को संरक्षण और पाक—साफ बचा लेने का आश्वासन इशारा करता है कि अलीमुद्दीन की हत्या बिल्कुल जायज थी।

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