OLA CABS ने जारी किया 1400 कर्मचारियों की छंटनी का फरमान

Update: 2020-05-20 16:45 GMT

देश के 160 से ज्यादा शहरों में सर्विस देने वाली कंपनी ओला कैब्स ने कहा है कि सुरक्षित और सुखद और यात्रा अनुभव के लिए अब वो पहले से ज्यादा सुरक्षा मानकों का पालन कर रहा है। लेकिन वहीं उसने अपने इस निर्णय से सैकड़ों कैब चालकों की आजीविका की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है...

जनज्वार ब्यूरो। बेंगलुरु स्थित कैब एग्रीगेटर ओला ने बुधवार 20 मई को एक नोट जारी कर कहा है कि कंपनी 1,400 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार ओला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भावेश अग्रवाल ने अपने कर्मचारियों को लिखे एक नोट में यह घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि लॉकडाउन के चलते राजस्व में भारी कमी आयी है।

कंपनी में छंटनी का ऐलान लॉकडाउन के चौथे चरण में प्रवेश करने के बाद किया गया है जबकि कोरोना संकट के कारण बंद हुई ओला कैब की सेवाएं मंगलवार (19 मई) से शुरू हो गई हैं। फिलहाल देश के 160 से ज्यादा शहरों में ओला कैब सर्विस देती है। ओला ने कहा है कि सुरक्षित और सुखद और यात्रा अनुभव के लिए अब वो पहले से ज्यादा सुरक्षा मानकों का पालन कर रहा है। लेकिन वहीं उसने अपने इस निर्णय से सैकड़ों कैब चालकों की आजीविका की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।

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कोरोनावायरस महामारी की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के चलते पिछले दो महीनों में कंपनी के राजस्व में 95 फीसदी की गिरावट आई है। इसको लेकर कंपनी के सीईओ भावेश अग्रवाल ने कहा है कि कोरोनावायरस महामारी के चलते पिछले दो महीनों में सवारी, वित्तीय सेवाओं और खाद्य कारोबार से कंपनी की आमदनी 95 प्रतिशत घटी है और इसके चलते वह 1,400 कर्मचारियों को निकाल रही है।

Full View को भेजे ईमेल में भावेश अग्रवाल ने यह साफ लिखा है कि व्यापार का भविष्य बेहद अस्पष्ट और अनिश्चित है और निश्चित रूप से इस संकट का असर हम पर लंबे समय तक रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारे उद्योग के लिए वायरस का असर बहुत खराब रहा है। उन्होंने यह भी कहा है कि कोरोना संकट से सबसे बड़ा नुकसान कंपनी के लाखों ड्राइवर और उनके परिवार की आजीविका पर पड़ा है।

गौरतलब है कि ओला की ही तरह ऑनलाइन टैक्सी प्रोवाइड कराने वाली एक बड़ी कंपनी उबर भी वैश्विक स्तर पर 3,700 कर्मचारियों की छटनी करने का ऐलान कर चुकी है। साथ ही उबर ने दुनियाभर में फैले करीब 45 कार्यालयों को बंद करने की योजना भी बनाई है। अगले 12 महीनों में उबर अपने सिंगापुर कार्यालय को भी बंद कर सकती है। कंपनी का कहना है कि कोरोना संकट से रेवेन्यू बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे में लागत में कमी के मकसद से यह फैसला लिया गया है।

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स छंटनी के बाद दुनिया भर में उबर की वर्कफोर्स 14 फीसदी कम हो जाएगी। कैब एग्रिगेटर कंपनी का कहना है कि वह दुनिया भर में 40 फीसदी सर्विस सेंटर्स को बंद करेगी। फिलहाल उबर के 450 सर्विस सेंटर हैं। इससे पहले मार्च के महीने में कंपनी ने अमेरिका और कनाडा में अपने सभी हब अस्थायी तौर पर बंद करने का फैसला लिया था।

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