तीसहजारी कोर्ट हिंसा : 3 वकीलों को लगी गोली, दर्जनों वकील-पुलिसकर्मी घायल

Update: 2019-11-03 03:49 GMT

मौके पर मौजूद वकील ने कहा, विवाद हुआ था हवालात के सामने पार्किंग को लेकर और इस मामूली घटना में पुलिसवालों ने तीसहजारी के हवालात में एक वकील को खींच लि​या। पुलिस की गुंडागर्दी देखिए कि मौके पर जज के आने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने डेढ़ घंटे तक वकील को मारा-पीटा...

जनज्वार। दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में कल 2 नवंबर को पुलिस और वकीलों के बीच जबरदस्त झड़प हुई, जिसके बाद घटना ने हिंसक रूप ले लिया। इस हिंसा के दौरान पुलिस ने फायरिंग कर दी, जिससे वकील भड़क गये और घटना ने हिंसक रूप ले लिया। फायरिंग से गुस्साये वकीलों ने पुलिस की कई गाड़ियों में आग लगा दी। हालांकि मीडिया में सामने आ रहे नये वीडियो फुटेज में वकील पुलिसकर्मियों को पीटते हुए भी नजर आ रहे हैं।

ड़प में करीब दर्जनभर से ज्यादा पुलिसकर्मी और दर्जनों वकील गंभीर रूप से घायल हो गये। 3 वकीलों को गोली लगने की खबर सामने आयी। तीस हजारी कोर्ट में झड़प की बार एससिएशनों ने कड़ी निंदा करते हुए चार नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी की सभी जिला अदालतों में एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है। कोऑर्डिनेशन कमिटी के चेयरमैन महावीर शर्मा और सेक्रेटरी जनरल धीर सिंह कसाना ने तीस हजारी कोर्ट में पुलिस द्वारा की गई फायरिंग के विरोध में 4 नवंबर को दिल्ली की सभी जिला अदालतों में कामकाज ठप रखने का फैसला किया है।

तीस हजारी की घटना पर DCP ने कहा कि हिंसक वकील आग लगाकर लॉक अप तोड़ना चाहते थे, इसलिए हमें कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी। कोर्ट परिसर के अंदर हम लोगों ने सिर्फ पुलिस ही नहीं कैदियों की भी जान बचाने की कोशिश की। अगर किसी को गोली लगी है तो वो मेडिकल रिपोर्ट में सामने आएगा। हमें चोटें आईं। मुझे गर्व है कि मैंने लोगों को बचा लिया।'

स मसले पर बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष केसी मित्तल ने मीडिया से कहा कि पुलिस द्वारा वकीलों पर किए गए हमले की कड़ी निंदा की। हमारे कई वकील गंभीर रूप से घायल हैं। उच्च पद पर बैठे एक पुलिस ने लॉकअप में वकील को पीटा, उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए और मुकदमा चलाया जाना चाहिए। हम दिल्ली के वकीलों के साथ हर हाल में खड़े हैं।'

हिंसा के बाद अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे वकील

स घटना पर तीस हजारी कोर्ट के वकील कमलेश कुमार ने जनज्वार को बताया, 'इस हिंसक घटना में 3 वकीलों को गोली लगी है जो अस्पताल में भर्ती हैं। 100 के लगभग वकील घायल हुए हैं। पूरे देश के सामने वीडियो आ गया है कि पुलिसवालों ने वकीलों ने चैंबरों में घुसकर कैसी गुंडागर्दी मचायी।'

तीसहजारी कोर्ट में पुलिस द्वारा इस तरह की गई वकीलों के चैम्बरों में तोड़फोड़

टना के वक्त तीसहजारी कोर्ट में मौजूद रहे वकील आनंद मिश्रा का कहना है कि 'विवाद हवालात के सामने पार्किंग को लेकर हुआ था और इस मामूली घटना में पुलिसवालों ने तीसहजारी के हवालात में वकील को खींच लि​या। पुलिस की गुंडागर्दी देखिए कि मौके पर जज के आने के बावजूद, एसएचओ के आने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने डेढ़ घंटे तक वकील को मारा-पीटा और कैद में रखा।'

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