अलीगढ़ में ढाई साल की मासूम की नृशंस हत्या भाजपा मंत्री के लिए छोटी सी घटना

Update: 2019-06-08 06:16 GMT

3 साल की बच्ची के साथ हुई नृशंसता को और ज्यादा चोखा और सांप्रदायिक बनाने में भी कुछ लोग हो चुके हैं सक्रि,य हालंकि यह अपराध है अपने आप में जघन्यतम और रेयर आफ द रेयरेस्ट, बावजूद इसके कुछ बीमार लोगों को जब अपराध में बलात्कार और सांप्रदायिकता का घोल मिला दिया जाए तो वह इसे 'उत्साह' से करते हैं प्रचारित, भले ही पीड़िता और पीड़ित परिवार को न मिले न्याय...

जनज्वार। अलीगढ़ में ढाई साल की बच्ची ट्विंकल की हत्या के खिलाफ पूरे देश में गुस्सा चरम पर है, लोग अपराधियों को सरेआम फांसी देने की मांग कर रहे हैं। मगर इसके उलट विज्ञापनों में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा बुलंद करने वाली भाजपा के एक माननीय मंत्री जी के लिए यह बहुत छोटी सी घटना है। वो कहते हैं ऐसी घटनाएं तो हो जाती हैं और छुटपुट घटनाओं पर हम कार्रवाई करते हैं।

हालांकि 3 साल की बच्ची के साथ हुई नृशंसता को और ज्यादा चोखा और सांप्रदायिक बनाने में भी कुछ लोग सक्रिय हो चुके हैं। यह अपराध अपने आप में जघन्यतम और रेयर आफ द रेयरेस्ट है, बावजूद इसके कुछ बीमार लोगों को जब अपराध में बलात्कार और सांप्रदायिकता का घोल मिला दिया जाए तो वह इसे 'उत्साह' से प्रचारित करते हैं। भले ही पीड़िता और पीड़ित परिवार को न्याय न मिले।

सोशल मीडिया पर यह प्रचारित करने वाली सैकड़ों पोस्टें शेयर की जा रही हैं जिनमें न्याय नहीं इसे सांप्रदायिक रंग देने की भरपूर कोशिश की जा रही है, यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि बच्ची का बलात्कार किया गया है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हो चुका है कि ट्विंकल का बलात्कार नहीं हुआ था, मगर इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि अपराधियों ने नृशंस तरीसे से उसकी हत्या की है।

मामले की जांच कर रही पुलिस का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची के हाथ और पैर समेत शरीर की कई अन्य हड्डियां भी टूटी हैं। हालांकि, आंख में तेजाब नहीं डाला गया था, जैसा कि शुरुआत में परिजन कह रहे थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बच्ची के शरीर में किडनी व यूरिनली ब्लेडर नहीं थे। बच्ची का सीधा हाथ धड़ से अलग कर दिया गया था, जिस कारण उस जगह पर कीड़े भी पड़ चुके थे।

यह माननीय मंत्री महोदय है उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही। संवेदनहीनता की हद पार करते हुए उन्होंने कहा कि ढाई साल की मासूम ट्विंकल की नृशंस हत्या बहुत मामूली घटना है।

हालांकि 3 साल की बच्ची के साथ हुई नृशंसता को और ज्यादा चोखा और सांप्रदायिक बनाने में भी कुछ लोग सक्रिय हो चुके हैं। यह अपराध अपने आप में जघन्यतम और रेयर आफ द रेयरेस्ट है, बावजूद इसके कुछ बीमार लोगों को जब अपराध में बलात्कार और सांप्रदायिकता का घोल मिला दिया जाए तो वह इसे 'उत्साह' से प्रचारित करते हैं। भले ही पीड़िता और पीड़ित परिवार को न्याय न मिले।

सोशल मीडिया पर यह प्रचारित करने वाली सैकड़ों पोस्टें शेयर की जा रही हैं जिनमें न्याय नहीं इसे सांप्रदायिक रंग देने की भरपूर कोशिश की जा रही है, यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि बच्ची का बलात्कार किया गया है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हो चुका है कि ट्विंकल का बलात्कार नहीं हुआ था, मगर इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि अपराधियों ने नृशंस तरीसे से उसकी हत्या की है।

मामले की जांच कर रही पुलिस का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची के हाथ और पैर समेत शरीर की कई अन्य हड्डियां भी टूटी हैं। हालांकि, आंख में तेजाब नहीं डाला गया था, जैसा कि शुरुआत में परिजन कह रहे थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बच्ची के शरीर में किडनी व यूरिनली ब्लेडर नहीं थे। बच्ची का सीधा हाथ धड़ से अलग कर दिया गया था, जिस कारण उस जगह पर कीड़े भी पड़ चुके थे।

नृशंस हत्या को 'बहुत मामूली घटना' वाला बयान मंत्री महोदय ने ने तब दिया जब उनसे ट्विंकल की बर्बर हत्या को लेकर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था के बारे में उनसे मीडिया ने सवाल किया। इस सवाल पर मंत्री महोदय मुस्कराते हुए बोले, ऐसी घटनाएँ तो हो जाती हैं और छुटपुट घटनाओं पर हम कार्रवाई करते हैं।

सूर्य प्रताप शाही उसी भाजपा से ताल्लुक रखते हैं जिनकी पार्टी की महिला नेता किरण खेर ने कभी कहा था कि बलात्कार तो इस देश की संस्कृति है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में ढाई साल की बच्ची ट्विंकल को नृशंस तरीके से मौत के घाट उतार दिया गया था। 30 मई को अचानक गायब हुई ट्विंकल का शव घटना के दो दिन बाद यानी 2 जून को उसके घर से 100 मीटर की दूरी पर बने कूड़ाघर में 2 जून को सड़ी गली हालत में बरामद हुआ था।

इस हत्या के लिए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, पारिवारिक रंजिश को बच्ची की हत्या का कारण बताया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ पोक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। शुरुआत में कहा जा रहा था कि बच्ची का बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या की गई है, मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ है कि उसके साथ बलात्कार नहीं, हां नृशंसता से हत्या की गई है।

पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची की हत्या तीन से चार दिन पहले की गई होगी, यानी 30 मई को गायब होने के बाद ही ट्विंकल को मौत के घाट ​उतार दिया गया होगा जिस कारण शव बुरी तरह सड़ चुका था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही पता चला है कि मासूम बच्ची की मौत सदमे की वजह से हुई है।

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