BIHAR BYPOLL: बिहार उपचुनाव में AIMIM ने बिगाड़ा खेल, भाजपा और महागठबंधन को मिली एक-एक सीट
BIHAR BYPOLL 2022: बिहार में राजद उम्मीदवार नीलम देवी ने मोकामा सीट पर 16,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की है. उनके पति और मोकामा से विधायक अनंत कुमार सिंह को अयोग्य ठहराने के बाद उपचुनाव कराना पड़ा था.
BIHAR BYPOLL: बिहार उपचुनाव में AIMIM ने बिगाड़ा खेल, भाजपा और महागठबंधन को मिली एक-एक सीट
BIHAR BYPOLL 2022: बिहार में राजद उम्मीदवार नीलम देवी ने मोकामा सीट पर 16,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की है. उनके पति और मोकामा से विधायक अनंत कुमार सिंह को अयोग्य ठहराने के बाद उपचुनाव कराना पड़ा था. वहीं, भाजपा ने बिहार में गोपालगंज विधानसभा सीट पर उपचुनाव में जीत हासिल कर इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा. विधायक सुभाष सिंह के निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराया गया था. सुभाष सिंह की पत्नी और भाजपा उम्मीदवार कुसुम देवी को 70,032 वोट मिले. इस सीट से राजद के मोहन गुप्ता को 68,243 वोट मिले.
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि मोकामा और गोपालगंज की जनता को धन्यवाद देते हैं. गोपालगंज में 2020 में हम 40,000 वोटों से हारे थे इस बार भाजपा के लिए सहानुभूति होने के बाद भी हम 1,700 वोटों से हारे हैं. महागठबंधन के लोगों ने भाजपा के कोर वोटरों में सेंध मारने का काम किया है. गोपालगंज उपचुनाव जीतकर भाजपा की कुसुम देवी ने कहा कि पूरा गोपालगंज जिला मेरे साथ है. मेरी जीत सभी की जीत है. जो विकास कार्य पूरे नहीं हुए, उन्हें आगे बढ़ाऊंगी. मुझे सबका आशीर्वाद मिला. वहीं मोकामा उपचुनाव जीतने के बाद राजद की नीलम देवी ने कहा कि हमें पता था कि जीत हमारी होगी, क्योंकि हमें मोकामा के लोगों का आशीर्वाद मिला था. यह मोकामा के लोगों की जीत है और भाजपा की हार है.
गोपालगंज विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आरजेडी-जेडीयू के संयुक्त प्रत्याशी मोहन प्रसाद गुप्ता 1794 मतों से चुनाव हार गए. मोहन प्रसाद को भारतीय जनता पार्टी की कुसुम देवी ने मात दी. ये सीट कुसुम के पति सुभाष सिंह के निधन पर ही खाली हुई थी. सुभाष 2005 से लगातार चार बार यहां से विधायक चुने गए थे. इस सीट पर कुल नौ उम्मीदवार मैदान में थे. मुख्य मुकाबला भाजपा और राजद के बीच हुआ. बसपा ने यहां से लालू यादव के साले साधु यादव की पत्नी इंदिरा यादव को टिकट दिया था तो एआईएमआईएम ने भी अपना प्रत्याशी उतारा था. इस इलाके में काफी मुस्लिम वोटर्स भी हैं, इसके चलते भी मुकाबला काफी रोचक हो गया था. भाजपा की कुसुम देवी को 70,053 वोट मिले, जबकि दूसरे नंबर पर रहे राजद के मोहन प्रसाद गुप्ता ने 68,259 मत हासिल किए. वहीं असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के प्रत्याशी अब्दुल सलाम को 12,214 वोट मिले. सलाम तीसरे नंबर पर रहे. वहीं बसपा उम्मीदवार व लालू यादव के साले साधु यादव की पत्नी इंदिरा यादव को कुल 8,854 वोट मिले. अब अगर आंकड़े देखें तो अगर बसपा या फिर एआईएमआईएम में से कोई एक भी अपना प्रत्याशी नहीं उतारा होता तो आरजेडी-जेडीयू के संयुक्त प्रत्याशी मोहन प्रसाद गुप्ता आसानी से जीत जाते. मतलब साफ है आरजेडी और जेडीयू का पूरा खेल एआईएमआईएम और बसपा ने बिगाड़ दिया.