कुर्की-जब्ती के डर से बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप ने थाने में किया सरेंडर, पुलिस लेगी रिमांड पर

YouTuber Manish Kashyap Surrender : तमिलनाडु में प्रवासी बिहारी मजदूरों के साथ हिंसा का फेक वीडियो प्रसारित करने वाले यूट्यूबर मनीष कश्यप के घर जैसे ही आज सुबह बिहार पुलिस ने कुर्की-जब्ती की कार्रवाई शुरू की, उसने थाने में जाकर सरेंडर कर दिया...

Update: 2023-03-18 05:38 GMT

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YouTuber Manish Kashyap surrender : तमिलनाडु में प्रवासी बिहारी मजदूरों के उत्पीड़न का फेक वीडियो जारी कर चर्चा में आये यूट्यूबर मनीष कश्यप के घर शनिवार 18 मार्च सुबह कुर्की-जब्ती की कार्रवाई शुरू हो गई, जिसके बाद उसने थाने में सरेंडर कर दिया है। गौरतलब है कि पश्चिम चंपारण जिले के विभिन्न जिलों की पुलिस टीम ने सुबह-सुबह मनीष कश्यप के घर पहुंची थी।

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मनीष कश्यप के घर पर हुई छापेमारी की ये कार्रवाई मझौलिया थाना क्षेत्र के महना डुमरी गांव में हुई है। मझौलिया कांड संख्या 193/21 मामले में बेतिया पुलिस ने कुर्की जब्ती की कार्रवाई की है। गौरतलब है कि उच्च न्यायालय मनीष कश्यप की जमानत याचिका पहले ही खारिज कर चुकी है। मनीष कश्यप पर बेतिया में ही 7 आपराधिक मामले दर्ज हुए है और पांच मामलों में उस पर आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है। जहां उसे एक मामले में जमानत मिल चुकी है, वहीं एक मामले में पटना हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर चुकी है। जैसे ही आज सुबह बिहार पुलिस ने उसके घर पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई शुरू की, मनीष कश्यप ने थाने में जाकर सरेंडर कर दिया। बेतिया के एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा मीडिया को बता चुके हैं कि यूट्यूबर मनीष कश्यप ने जगदीशपुर थाना पहुंच कर पुलिस के समक्ष सरेंडर कर चुका है।


बिहार पुलिस ने अपने ट्वीटर हैंडल से मनीष कश्यप के थाने में सरेंडर करने की जानकारी वाला ट्वीट जारी करते हुए कहा है, 'तमिलनाडु में कामकाजी बिहार के निवासियों के लिए असत्य, भ्रामक एवं उन्माद फ़ैलाने वाले वीडियो को प्रसारित करने एवं आर्थिक अपराध थाना कांड सं0 3/23 तथा 4/23 के अभियुक्त मनीष कश्यप ने बिहार पुलिस एवं EOU के दबिश के कारण बेतिया के जगदीशपुर थाने में किया आत्मसमर्पण।'

ADG मुख्यालय से मीडिया को दी गयी जानकारी के अनुसार तमिलनाडु फेक वीडियो मामले में जांच कर रही टीम ने वायरल वीडियो को गलत पाया था, जिसे यूट्यूबर मनीष कश्यप ने BNR News हनी नाम के एक यूट्यूब चैनल के वीडियो को शेयर किया था। इस वीडियो में पट्टी बांधे गए दो युवकों अनिल कुमार और आदित्य कुमार को मजदूर दिखाया गया। इस वीडियो को मनीष कश्यप के साथी और गोपालगंज के रहने वाले राकेश कुमार रंजन ने शूट किया और 6 मार्च को उसे अपलोड कर दिया। शुरुआत से ही यह वीडियो संदिग्ध लग रहा था

वीडियो की पड़ताल और राकेश से हुई पूछताछ पर फेक वीडियो का भंडाफोड़ हुआ था। ADG ने दावा किया कि राकेश ने पटना के जक्कनपुर थाना के तहत बंगाली कॉलोनी में एक घर किराए पर ले रखा है। इसी जगह पर इसने वीडियो को अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर शूट किया था। पुलिसिया पूछताछ में राकेश ने यह बात स्वीकारते हुए कहा था कि ।पुलिस की जांच को गलत दिशा में ले जाने के उद्देश्य से ही वीडियो को बनाया गया था। EOU ने जो दूसरा केस दर्ज किया है, इसमें मनीष कश्यप, राकेश रंजन और वीडियो में मजदूर बनने वाले अनिल कुमार व आदित्य कुमार को नामजद किया गया है। राकेश को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

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